पूरनपुर। शारदा नदी पर पैॅंटून पुल से बसों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन शनिवार से शुरू हो गया। इससे शारदापार के लिए आवागमन करने वालों ने राहत की सांस ली। शारदा नदी ऊफनाने से पुल 21 मई को नदी में बह गया था।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार इलाके में 16 ग्राम पंचायतें और करीब एक लाख की आबादी है। इन गांवों को और गांव से तहसील मुख्यालय आवागमन लोगों को शारदा नदी पार कर करना होता है। आवागमन को शारदा नदी पर हर साल बारिश समाप्त होने के बाद 15 अक्तूबर पैंटून पुल बनाया जाता है। बारिश में बाढ़ की आशंका पर 15 जून को पुल हटाने की तारीख निर्धारित है। मगर पिछले करीब एक दशक से निर्धारित तिथि से पहले ही पुल हटा लिया जाता है और निर्धारित तारीख पर पुल से आवागमन शुरू नहीं होता। मई माह में पहाड़ों पर हुई बारिश से बनवसा बैराज से अचानक 75 हजार क्यूसेक पानी रिलीज होने से 21 मई को नदी उफना गई थी। इससे नदी के धनाराघाट पर बना पैंटून पुल बह गया था। करीब चार किलोमीटर बाद नदी किनारे लगे पुल को रस्सी से बांध दिया गया। पुल बहने से तहसील मुख्यालय से शारदा नदी पार के गांवों का संपर्क कट गया। पुल हटने के बाद विभाग को नदी में नाव का संचालन करना चाहिए। मगर महीनों पीडब्ल्यूडी की ओर से नाव नहीं चलवाई गई। कुछ दिन पहले नाव का संचालन कराया गया। नदी का पानी कम होने पर पैंटून पुल बनवाना शुरू किया गया। शनिवार को पुल से बसों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। पूरनपुर-टाटरगंज बस यूनियन के प्रबंधक लियाकत अली ने शनिवार को झंडी दिखाकर बसों का संचालन शुरू कराया। पीडब्ल्यूडी के जेई मुकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को पुल से बसों का संचालन शुरू करा दिया गया है।
30 की जगह 130 किलोमीटर दूरी तक कर रहे थे लोग
शारदा नदी पर पैंटून पुल न होने से शारदा नदी पार के लोगों को तहसील मुख्यालय आने और तहसील मुख्यालय से शारदा पार जाने वालों को 30 की जगह लखीमपुर के संपूर्णानगर, पलिया, मैलानी, शाहजहांपुर के खुटार होकर आवागमन करना पड़ा।