केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के प्रयासों से जिले के विकलांगों की जांच कर चिन्हित किया गया था जिसमें 187 विकलांगों ऐसे पाए गए थे जिन्हें ऑपरेशन के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए शनिवार को कटक ओड़िशा के स्वामी विवेकानंद पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र की ओर से 11 सदस्यीय टीम ने डॉ. पीके साहू के नेतृत्व में पीलीभीत पहुंची। टीम ने परीक्षण के बाद 110 को ऑपरेशन योग्य पाया जबकि शेष 77 को उपकरण योग्य पाया। इनमें से 52 विकलांगों के आपरेशन शनिवार को देर रात हुए जबकि 48 के रविवार को संपन्न हुए। टीम के डॉ. पीके साहू ने बताया कि चिन्हित 110 विकलांगों में से 10 के जटिल ऑपरेशन होने हैं जिसकी सुविधा यहां नहीं है इसलिए इन सभी को जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से कटक ले जाकर ऑपरेशन कराए जाएंगे। विकलांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक सुखवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी मरीजों को एक सप्ताह तक जिला अस्पताल में रखा जाएगा। कैंप में डॉ. एस परधा, डॉ. केएस महापात्रा, डॉ. यूवी सिंह, दीपक सिंह के अलावा चेयरमैन प्रभात जायसवाल, केंद्रीय मंत्री के पीआरओ रंजीत कुमार, प्रमोद अग्रवाल, एमआर मलिक, धर्मपाल वर्मा, राजकुमार भारती सहित कई लोग मौजूद रहे।
कुछ माह बाद फिर होगें ऑपरेशन
केंद्रीय मंत्री के प्रवक्ता एमआर मलिक ने बताया कि ऑपरेशन से पूर्व विकलांगों का परीक्षण किया गया था। इसके बाद भी यदि कुछ विकलांग रह गए हैं तो पुन: जांच कराई जाएगी और ऑपरेशन योग्य विकलांगों के लिए बरसात के बाद पुन: ऑपरेशन कैंप लगाया जाएगा।