पीलीभीत। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते लंबे मार्ग पर भी एक चालक को भेजा जा रहा है। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली मार्ग सबसे लंबा मार्ग है। जहां से स्थानीय डिपो की बसों का संचालन कराया जा रहा है। स्थानीय डिपो से करीब 120 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, कानपुर, वाराणसी सहित अन्य स्थानीय मार्गाें पर बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक बसों का संचालन दिल्ली मार्ग पर हो रहा है। दिल्ली मार्ग की दूरी भी करीब 324 किमी एक साइड से है। आंकड़ों में यह रूट लंबे मार्ग में शामिल है।
इसके बाद भी इस मार्ग पर महज एक चालक को भेजा जा रहा है। इससे रात के सफर के दौरान चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं यात्रियों को भी जान का खतरा रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहे। नाम न छापने की शर्त पर एक चालक ने बताया कि वाहन संचालन के दौरान रात के समय काफी दिक्कत होती है। कई बार जिम्मेदारों को इस संंबंध में बताया जा चुका है, बावजूद इसके चालकों की सुनवाई नहीं हो रही।
एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे मार्ग पर दो चालकों को ही भेजा जा रहा है। दिल्ली मार्ग की दूरी सामान्य है।