पीलीभीत। खेत के पास शौच करने गई युवती से दुष्कर्म का प्रयास करने का दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट त्रिभुवन नाथ पासवान ने अभियुक्त को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एक अन्य आरोपी पर दोष सिद्ध न होने पर उसे बरी कर दिया गया।
अभियोजन के मुताबिक, थाना दियोरिया कलां क्षेत्र की एक युवती ने तहरीर देकर कहा कि 21 मार्च 2019 की शाम पांच बजे वह अपने चाचा के खेत के पास शौच के लिए गई थी। वहां गांव का अनिल वर्मा और विकास मौर्या उसे पकड़कर पड़ोस के गन्ने के खेत में ले गए। विकास मौर्या ने उसके कपड़े फाड़ दिए। अनिल वर्मा ने मुंह में रुमाल ठूंसकर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। शोर-शराबा करने पर वह उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की।
आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी अनिल वर्मा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। विकास मौर्या को आरोप सिद्ध न होने पर बरी कर दिया गया।