एसडीओ के नेतृत्व में चलाए गए सर्च अभियान में मिली कामयाबी
बाघ के हमले में मारे गए वाचर ताराचंद्र के सिर का कंकाल पांचवें दिन शनिवार को घटना स्थल से करीब 20 मीटर दूर पड़ा मिला। वनविभाग के एसडीओ केपी सिंह के नेतृत्व में चले सर्च अभियान के दौरान यह कामयाबी मिली। एसडीओ की सूचना पर पहुंची न्यूरिया पुलिस ने सिर कब्जे मेेें लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
टाइगर रिजर्व में महोफ रेंज की वनकटी बीट में सोमवार शाम आग बुझाने गए गांव अनवरगंज निवासी वाचर ताराचंद्र पर बाघ ने हमला कर मार डाला था। दूसरे दिन मंगलवार को ताराचंद्र के अवशेष के रूप में दोनों पैर मिले थे। शरीर का बाकी हिस्सा गायब था, जिससे वाचर की हत्या की आशंका जताई जा रही थी। वन संरक्षक वीके सिंह भी सिर और कूल्हे की हड्डियां बरामद न होने से आशंकित थे। इसलिए घटना के बाद से ही ताराचंद्र के अवशेषों की तलाश जारी थी। शनिवार को एसडीओ केपी सिंह के नेतृत्व में माला और महोफ रेंज में लगभग 45 वनकर्मियों की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। सभी वनकर्मियों ने एक साथ लाइन से खड़े होकर एक तरफ से तलाशी शुरू की। इसके कुछ देर बाद घटना स्थल से लगभग 20 मीटर दूर नालीदार गड्ढे में ताराचंद्र के सिर का कंकाल बरामद हुआ। घटना को कई दिन बीतने पर सिर के अंदर के अंग गलने लगे थे, लेकिन दांत सुरक्षित होने एवं चेहरे व सिर का आकार आदि देखकर साथ रहने वाले वाचरों ने ताराचंद्र के सिर की पहचान की। सिर का कंकाल मिलने की सूचना पर न्यूरिया पुलिस मौके पर पहुंची और सिर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि साथी वाचरों एवं घर वालों ने दांतों के आधार पर पहचान की है।