जिले के नोडल अधिकारी परिवहन आयुक्त ने सीएमओ व शारदा सागर कार्यालय का निरीक्षण किया और जजी में बन रहे न्यायालय भवन की गुणवत्ता देखी। अनुपस्थित मिलने पर सीएमओ का एक दिन का वेतन काटा और शिकायत पेटिका न मिलने पर संबंधित बाबू को निलंबित करने के आदेश दिए।
दो दिवसीय दौरे पर आए परिवहन आयुक्त दूसरे दिन मंगलवार को सुबह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। यहां निर्माणाधीन बर्न यूनिट देखने के बाद सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. ओम चौहान के अनुपस्थित होने पर उन्होंने एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं शिकायत पेटिका न मिलने पर संबंधित बाबू का सस्पेंड कर सीएमओ का जवाब तलब करने के निर्देश डीएम को दिए। कार्यालय में गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की और उपस्थित रजिस्टर चेक किया। इसके बाद वह शारदा सागर कार्यालय पहुंचे। यहां बाबूओं से सोमवार को किए गए कार्यों की जानकारी ली लेकिन कोई भी बाबू उन्हें एक भी फाइल नहीं दिखा पाया जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। दो कार्यालयों के निरीक्षण के बाद वह जजी परिसर में बन रहे न्यायालय भवन देखने पहुंचे। यहां ईंटों की गुणवत्ता ठीक न होने और भवन में रोशनी और हवा के लिए पर्याप्त खिड़कियां न होने पर अभियंताओं की कमेटी बनाकर नक्शे में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण में डीएम ओएन सिंह, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीडीओ एके सिंह चंद्रौल, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, जीवन राम यादव, एआरअीटो राजेश कार्दम, एसडीएम सुरेंद्र बहादुर यादव, सीओ सिटी कौशलेंद्र सिंह पुंडीर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सीएचसी पर मिली एक्सपायर दवाएं जांच के निर्देश
नोडल अधिकारी/परिवहन आयुक्त के रवीन्द्र नायक को सीएचसी के निरीक्षण में एक्सपायरी डेट की दवाएं मिली। इस पर उन्होंने एसीएमओ की फटकार लगाई और डीएम को जांच के आदेश दिए। वहीं ब्लाक में भी अनियमितताएं मिलीं।
मंगलवार दोपहर बाद परिवहन आयुक्त सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। ओपीडी देखने के बाद दवाओं का स्टोर देखा। यहां उन्हें कई दवाएं ऐसी मिली जो अगले माह एक्सायर हो रही हैं जबकि नियत: एक्सायर डेट से छह माह पूर्व ही दवाओं का वितरण बंद हो जाना चाहिए। उन्होंने दवा खरीद में बड़ी गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए डीएम को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद ब्लाक कार्यालय पहुंचे। यहां परिसर में लगे बीएसएनएल टावर के किराए के बारे में पूछा लेकिन बीडीओ जानकारी नहीं दे सके। कार्यों की सही जानकारी न देने पर मनरेओा एपीओ शुभम सक्सेना की फटकार लगाई। दोनों कार्यालयों का निरीक्षण करने बाद उन्होंने समग्र गांव बड़ेपुरा मरौरी के विकास कार्यों को देखा और गांव में चौपाल लगाकर समस्यांए सुनीं।