नए साल का पहला दिन ठंड का सबसे सर्द भरा रहा। कई दिनों से जहां लोगों को दिन में धूप और रात में घने कोहरे से राहत मिल़ रही थी। वहीं नए साल के पहले दिन पारा धड़ाम हो गया। पारा तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़कने के साथ लोग ठंड से लोग कांप उठे। सुबह और रात में सड़कों पर घना कोहरा होने के कारण वाहन रेंगते दिखाई रहे। सरकारी दफ्तरों में ठंड के चलते कामकाज प्रभावित रहा। सोमवार को न्यूनतम तापमान 05.5 और अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार के मुकाबले में न्यूनतम तीन डिग्री सेल्सियस कम है। सोमवार सुबह बर्फीली हवाओं से मौसम में गलन बनी थी।
लोग ठंड से ठिठुर रहे थे, सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। घना कोहरा होने के कारण दो पहिया और थ्री व्हीलर वाहन से सफर करने वालों को सबसे ज्यादा समस्या हुई। मुंह पर कपड़ा बांधने के बाद भी उनको ठंड से राहत नहीं मिल सकी। कोहरे की धुंध होने के कारण हाईवे पर बड़े वाहनों के साथ-साथ छोटे वाहनों की रफ्तार थमी थी। शहर के कई इलाकों में लोग ठंड के कारण घरों से बाहर नहीं निकले। सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को हुई वह सूर्य देवता के दर्शन नहीं होने की वजह से कपड़े नहीं धुल सकीं। सड़क किनारे ठंड से ठिठुरते लोग अलाव की व्यवस्था न होने के कारण कूड़ा करकट बटोर आग जलाकर हाथ तापते दिखाई दिए। सोमवार को अधिकांश स्कूलों की छुट्टी थी, इसलिए सड़कों पर भीड़भाड़ कम रही। वहीं लोग भी घरों से कम बाहर निकले। ठंड के कारण बाजारों में अच्छी-खासी रौनक देखने को मिली। लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी करते नजर आए। दिन ढलने के साथ-साथ शाम को ठंड बढ़ने लगी तो लोगों का आवागमन कम हो गया। सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। दिन ढलते ही लोग घरों में जाकर दुबक गए।
अचानक मौसम का रुख बदलने के कारण सोमवार को जिला प्रशासन के ठंड से बचाव को किए जा रहे उपायों की भी पोल खोल दी। नगरपालिका की ओर से चौराहों पर अलाव की व्यवस्था होने के दावे फेल साबित हुए। शहर के अधिकांश चौराहों पर नगरपालिका की ओर से की गई अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। इस कारण लोगों को कूड़ा करकट जलाकर ही राहत मिल सकी। अचानक मौसम में तेजी से बदलाव होगा इसकी भनक किसी को नहीं थी। आने वाले समस में सर्दी और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर पालिका की ओर से अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं कि गई तो रिक्शा, ठेला वालों की मुसीबत बढ़ सकती है।