पीलीभीत। नगर पालिका ने सोमवार को जैसे-तैसे 81.70 करोड़ रुपये का बजट तो बोर्ड बैठक में पास करा लिया। मगर शहरवासियों की उम्मीदों पर यह महज औपचारिकताओं का पुलिंदा दिख रहा है। पालिका की ओर से किए गए पुराने कार्यों पर जांच बैठी हुई है। इन कार्यों में स्ट्रीट लाइटें व नाले निर्माण की अनदेखी शामिल थी। सोमवार को हुई बैठक में फिर इन्हीं समस्याओं पर जोर देते हुए बजट पास करा दिया गया।
नगर पालिका ने 14 अगस्त को बोर्ड बैठक बुलाई थी। इसमें बजट पास होना था, लेकिन 14 सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। पालिका ने बजट प्रस्ताव पास करने के लिए सोमवार को फिर बैठक बुलाई। इसमें एक तिहाई बहुमत का हवाला देकर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने बोर्ड बैठक में 81.70 करोड़ रुपये का बजट पास करा लिया।
इस बजट में शहर की प्रकाश व्यवस्था, सीवरेज एवं जलनिकासी, वंदन योजना, 15वें वित्त, कान्हा गोशाला, बोर्ड फंड, वेतन आदि मद शामिल किए गए। जलनिकासी और प्रकाश व्यवस्था पर ज्यादा जोर दिया गया। बीते वर्ष कराए गए जलनिकासी और प्रकाश व्यवस्था के कार्य आरोपों के घेरे में हैं। शहर की सफाई व्यवस्था भी चौपट है। नगरपालिका ने सड़कों पर अतिक्रमण, ठोस कचरा प्रबंधन, वार्डों में पार्क निर्माण, सड़क के चौड़ीकरण और कई अन्य प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान नहीं दिया है। जबकि, इस बार भी बैठक में इन्हीं मदों पर बजट पास किया गया है।