हे भगवान! अब क्या फिर कहर
बरपाओगे, जो यह बारिश शुरू कर दी। रविवार की शाम आंधी के साथ हुई बारिश से
परेशान किसान कुछ इस तरह बुदबुदाते दिखे। वहीं शाम को अचानक आई आंधी और
बारिश के बाद बाजार में भी सन्नाटा पसर गया।
लगभग एक पखवाड़ा पूर्व हुई
ओलावृष्टि और बारिश से बरबाद गेहूं की फसल से किसान उबर नहीं पाए थे कि
रविवार की शाम को आंधी और बारिश ने किसानों को फिर चिंता में डाल दिया।
उन्हें लगा कि कहीं बची हुई फसल भी खत्म न हो जाए। जिले में अभी 25-50
फीसदी नुकसान होने वाली फसल के आंकलन का काम पूरा भी नहीं हो सका था कि
रविवार की इस बारिश ने किसानों की कमर ही तोड़ कर रख दी।
उपनिदेशक कृषि
प्रसार अखिलेश कुमार ने बताया कि इस बारिश से गेहूं, सरसों आदि को खासा
नुकसान पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा मसूर, मटर अन्य फसलों के लिए भी
यह बारिश नुकसान देय साबित होगी। खेत गीला हो जाने के कारण किसानों को
गन्ना आपूर्ति में भी दिक्कत होगी और गन्ने की बुवाई भी प्रभावित होगी।
देर
शाम हुई अचानक बारिश से बाजार में भी सन्नाटे जैसे स्थित बन गई। लगभग एक
घंटा हुई बारिश से लोग काफी परेशान दिखे। बारिश से शहर के यशवंतरी देवी
मंदिर में लगे मेले में भी लोग भागकर बारिश से बचते दिखे। शहर की
निर्माणाधीन सड़कों पर पड़ी मिट्टी आदि कीचड़ में तब्दील हो जाने से भी
लोगों को आवागमन में खासी असुविधा हुई।
पेड़ गिरने से बरेली हाइवे पर लगा जाम
जहॉनाबाद। रविवार की शाम चली तेज आंधी से ललौरीखेड़ा के निकट बरेली हाइवे पर पेड़ गिर गया। जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारे लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पेड़ कटवाकर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे हाइवे पर वाहनों के पहिए थमे रहे।