असम हाईवे के बाद बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर भी लग गया था जाम
पीलीभीत। ट्रैक्टर ट्रॉली में राशन लेकर आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने में पुलिस-प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। असम हाईवे के बाद देर रात बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर भी किसानों के पहुंचने पर जाम लग गया। घंटों दोनों तरफ का यातायात ठप रहा और अधिकारी किसानों के पीछे दौड़ लगाते रहे। अंत में किसानों के अलग-अलग स्थानों पर होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए किसानों के वाहनों को लौटाना शुरू किया।
शनिवार शाम पूरनपुर तहसील क्षेत्र के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में राशन जमा कर दिल्ली के लिए निकल पड़े। उनका कहना था कि आंदोलन कर रहे अपनों को राशन पहुंचाएंगे और समर्थन देंगे। पहले किसानों को गजरौला थाने की जरा पुलिस चौकी पर रोका, लेकिन वह आगे बढ़ते गए। इसके बाद सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के पूरनपुर गेट पुलिस चौकी पर पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने भारी पुलिस बल लगाकर रोका तो किसान धरने पर बैठ गए। कुछ देर बातचीत के बाद ही किसान उग्र हुए और अफसरों की मौजूदगी में बैरियर हटाकर वाहन निकालकर आगे बढ़ गए थे। कुछ किसानों और पूर्व मंत्री को यहीं पर पुलिस ने घेरा बनाकर रोक लिया था। इसके बाद किसानों को मय वाहन दो किलोमीटर आगे रोका गया। इसके बाद भी पुलिस बल खड़ा रहा मगर किसान दोबारा ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़कर आगे निकल गए। अफसर भी किसानों के पीछे दौड़ते दिखाई दिएा। कुछ किसानों को असम रोड चौराहा से कुछ आगे रोक लिया। इसके अलावा वाहन सवार किसानों को बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जहानाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर पीछा कर रोका गया। अधिकारियों से यहां भी नोकझोंक हुई। कार्रवाई के दौरान एकजुट किसानों की भीड़ तीन अलग-अलग स्थानों पर रोक ली गई। रात 12 बजे अचानक प्रशासन सख्त हुआ और कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इसके बाद दिल्ली जाने वाले किसानों के वाहन वापसी कराए जाने लगे। इसके बाद पूर्व मंत्री की कार को भी चार घंटे बाद पुलिस ने आगे जाने दिया। देर रात करीब तीन बजे दोनों हाईवे पर वाहन रफ्तार पकड़ पाए।