पूरनपुर (पीलीभीत)। सीमावर्ती गांव बैल्हा में एक व्यक्ति के घर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन, अवैध निर्माण समेत अन्य गंभीर आरोप लगाकर जिले के अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री से भी शिकायत की गई। इसके बाद गंभीर हुए अफसरों ने सोमवार को नायब तहसीलदार को गांव भेजकर जांच कराई। अफसरों का कहना है कि धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं पाया गया लेकिन अवैध निर्माण की बात सामने आई। पूरे मामले की रिपोर्ट अफसरों को भेजी जा रही है।
नानक नगरी बैल्हा में स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। पत्र की प्रतिलिपि डीएम व एसपी को भी भेजी गई। पत्र में कहा गया कि गांव में हिंदू-सिख धर्म के लोग रहते हैं। ईसाई धर्म का कोई परिवार नहीं है, लेकिन कुछ लोग गांव के ही एक व्यक्ति को लालच देकर कई माह पूर्व से उसके घर ईसाइयों की प्रार्थना सभा कर रहे हैं। रोगों से छुटकारा मिलने का प्रचार कर लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
आरोप है कि क्षेत्र के लोगों के अलावा नेपाल की किशोरियों व युवतियाें को भी बहला फुसलाकर प्रार्थना सभा में बुलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। विभिन्न प्रांतों के आने वाले ईसाई धर्म से जुड़े लोगों पर किशोरियों को अपने साथ ले जाने का भी जिक्र किया गया। नेपाल सीमा से सटा गांव होने से चलते आतंकी गतिविधियों की आशंका भी जाहिर की गई। इसके साथ ही अवैध निर्माण का आरोप भी लगाया गया। पत्र पर गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक जसवंत सिंह, प्रेमचंद्र, गुरबख्श सिंह, जरनैल सिंह, गुरपेज सिंह आदि के हस्ताक्षर थे।
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जांच के बाद प्रधान के सुपुर्द की जमीन
गांव निवासी सुखदेव सिंह, परमजीत सिंह आदि की शिकायत पर हल्का लेखपाल ने जमीन की जांच की। जांच में लेखपाल ने पाया कि जमीन भूदान यज्ञ समिति की है। जमीन पर सुखदेव सिंह नाम का व्यक्ति खेती करता है। जबकि सुखदेव सिंह के नाम अभिलेखों में कोई जमीन नहीं है। जमीन को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया गया।
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गांव बैल्हा में धर्म परिवर्तन और अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। निर्माण को रुकवा दिया गया है। जमीन किसान को खेती के लिए दी गई थी पक्के निर्माण के लिए नहीं। धर्म परिवर्तन का मामला जांच में नहीं मिला है।
- राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम, पूरनपुर