गर्मी के चलते कार्य के दौरान मनरेगा मजदूर की हुई मौत के मामले में उपायुक्त श्रम मनरेगा शिवाकांत द्विवेदी ने गांव पहुंचकर मजदूर का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाया और उसकी विधवा पत्नी को दिलवाया। साथ ही पत्नी को विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने की कागजी कार्रवाई पूरी कराई।
गांव जितौरिया टांडा निवासी मनरेगा मजदूर राजाराम गांव शिभुआ में चकरोड पर अन्य मजदूरों के साथ कार्य कर रहा था। तभी उल्टी दस्त होने से उसकी मौत हो गई थी। हालांकि पुलिस-प्रशासन को सूचना दिए बगैर परिवार वालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। अमर उजाला में इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने पर बुधवार को उपायुक्त श्रम मनरेगा शिवाकांत द्विवेदी खुद गांव पहुंचकर मजदूर के मौत की जानकारी की।
उन्होंने बताया कि मजदूर की मौत पर उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवाकर उसकी विधवा को सौंप दिया गया है। उसकी पत्नी को विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना का लाभ भी दिया जाएगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी करा ली गई है। उनके साथ कार्यवाहक बीडीओ देवेंद्र कुमार, मनरेगा के एपीओ अजय कुमार भी मौजूद रहे।
श्रम विभाग से दिलवाया जाएगा क्लेम
पूरनपुर। उपायुक्त श्रम मनरेगा शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि मनरेगा में मजदूर की कार्य के दौरान मौत होने पर सहायता देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जो मजदूर मनरेगा में पचास दिन और अन्य स्थान पर 40 दिन मजदूरी कर लेते हैं, उनका श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जाता है। राजाराम का दिसंबर 2014 मेें श्रम विभाग में मजदूर के रूप में पंजीकरण कराया गया था। उसके परिवार वालों को श्रम विभाग से क्लेम दिलवाया जाएगा।