जिला कारागार में भेजा गया गेहूं जांच में घटिया स्तर का निकला। जांच के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्मचारी कल्याण निगम के प्रबंधक को फटकार लगाई। साथ ही सप्लायर के बिल से 20 प्रतिशत की कटौती के आदेश दिए हैं।
जिला कारागार में बंदियों के खाने के लिए गेहूं सहित समस्त खाद्य सामग्री कर्मचारी कल्याण निगम के माध्यम से एक संस्था सप्लाई करती है। मंगलम फूड नाम की इस संस्था ने मई और जून में करीब 200 क्विंटल गेहूं की सप्लाई की। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहीत अधिकारी विजय वर्मा ने जेल में गेहूं की जांच की। जांच में गेहूं घटिया स्तर कर निकला। अधिकारियों ने पाया कि गेहूं खाने योग्य तो है लेकिन उसमें मिट्टी, कूड़ा, चावल, भूसा आदि मिला है। दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी। इस पर बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्मचारी कल्याण निगम के प्रबंधक को तलब का फटकार लगाई और गेहूं सप्लाई के भुगतान से 20 प्रतिशत की कटौती के आदेश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा ने बताया कि गेहूं की क्वालिटी अच्छी न होने पर 20 प्रतिशत की कटौती के आदेश किए गए हैं।