व्यवहार में बदलाव से ही ओडीएफ बनेंगे गांव
जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए गांव-गांव अलख जाएगा। इसके लिए स्वच्छता टीम का गठन कर प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। डीपीआरओ ने कहा कि ग्रामीणों के व्यवहार में परिवर्तन कराकर ही गांव को ओडीएफ किया जा सकेगा। जिला प्रशिक्षण संस्थान में मंगलवार को प्रारंभ हुए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने दीप जलाकर किया। उन्होंने ओडीएफ के बारे में जानकारी देकर जिले को 31 दिसंबर 2017 तक ओडीएफ करने के संकल्प को दोहराया। जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार व नेहा सिंह ने भी योजना के बारे में बताया। इसके बाद विश्व बैंक की ओर से आए मुख्य प्रशिक्षक विवेक गंगवार ने प्रशिक्षार्थियों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान और इससे फैलने वाली बीमारियों आदि के बारे में व्यवहारिक रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा दो दिन के प्रशिक्षण के बाद 20 अप्रैल को सुबह गांव पहुंचकर ट्रिगिंग एवं उसके अगले दिन फालोअप के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर दयाल, पंकज कुमार, विपिन कुमार, एडीओ रूपलल, पवन शुक्ला सहित कई लोग मौजूद थे।