मार्निंग वॉक करने वालों को नहीं सताएगी कूड़े की दुर्गंध
शहर में तीन बार होगी साफ-सफाई, सौ डस्टबिन भी रखे जाएंगे
अमर उजाला की खबर का नगर पालिका अध्यक्ष ने लिया संज्ञान
शहर की बेपटरी चल रही सफाई व्यवस्था जल्द ही पटरी पर आ सकती है। यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो शहरवासियों को मार्निंग वॉक के दौरान सड़कों पर बिखरे कूड़े के ढेर से नहीं गुजरना होगा और न ही उन्हें उसकी दुर्गंध सताएगी। नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए स्थाई डलावघर का इंतजाम न होने तक चली आ रही सफाई व्यवस्था में फेरबदल कर उसे बेहतर करने की कवायद शुरू की है। नई व्यवस्था के तहत शहर में अब रोजाना तीन बार साफ सफाई होगी और रात्रि में भी कूड़े का उठान होगा।
करीब ढाई लाख की आबादी वाले इस शहर में आज भी चार दशक पुराने हेल्थ मैनुअल के हिसाब से ही सफाई व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं, स्थाई डलावघर न होने वजह से शहर के सभी 27 वार्डों का कूड़ा करकट भी अस्थाईघरों में डाला जा रहा है। जबकि मौजूदा हेल्थ मेनुअल के अनुसार पांच हजार की आबादी पर 14 सफाईकर्मी तैनात होने चाहिए, लेकिन इसे शहर का दुर्भाग्य ही कहा जाए कि इतने बड़े शहर की सफाई व्यवस्था मात्र 189 स्थाई सफाई कर्मचारियों के कंधों पर टिकी हुई है। बेपटरी सफाई व्यवस्था के पीछे स्थाई डलावघर न होना बताया जा रहा है। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इधर प्रकाशित खबर को नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल ने खबर को संज्ञान में लेते हुए सफाई व्यवस्था में फेरबदल करते हुए नई कवायद शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब तक शहर की साफ-सफाई एक बार होती आ रही है, लेकिन अब रोजाना तीन बार सफाई हुआ करेगी। रात्रि में कूड़े का उठान किया जाएगा। खास बात यह है कि पालिका रात्रि में कूड़ा उठान के एवज में सफाईकर्मियों को डेढ़ गुना अधिक मजदूरी देगी। जल्द ही शहर में सौ बड़े डस्टबिन रखवाए जाएंगे। इस संबंध में पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल ने बताया कि स्थाई डलावघर का इंतजाम न होने तक सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। शहर में तीन बार सफाई करने व रात्रि में कूड़ा उठान की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही शहर के प्रत्येक वार्ड में बैठक कर समस्याएं जानी जाएंगी और उनका निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से कूड़ा उठान से पूर्व ही डस्टबिन में कूड़ा डालने और नाले नालियों में पॉलिथीन आदि न डालने की अपील की।