टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यावरण प्रेमियों अब टावर हट पर बैठकर प्रकृति का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए महोफ रेंज में प्रशासन की ओर से दो टावर हट बनवाए गए हैं। इसमें छत पर बनी हट पर बैठने की व्यवस्था के साथ ही रात्रि विश्राम को एक कमरा भी बनाया गया है।
टागइर रिजर्व आने वाले प्रकृति प्रेमियों को अभी तक चूका स्पाट अथवा गेस्ट हाउस में ही रहना पड़ता था। इस पर एक वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ओएन सिंह ने जंगल में स्थान चिन्हित कर ऐसे स्थल बनाने का सुझाव दिया था जिस पर एकांत में बैठकर प्रकृति का नजारा लिया जा सके। इसके बाद वनविभाग के अधिकारियों ने महोफ रेंज में स्थित साबर ताल और भीम ताल को चिन्हित किया था। दोनों स्थान चिन्हित होने के बाद डीएम ने क्रिटिकल गैप से यहां दो टावर बनवाने को धनराशि स्वीकृत की थी। दोनों ताल के किनारे टावर हट का निर्माण अब पूरा हो चुका है। इसमें 60 फिट ऊंचे टावर बनाए गए हैं, जिसमें सबसे ऊपर हटनुमा छत बनाई गई जिसके नीचे बैठकर दूर तक फैले जंगल और उसमें बने तालाब पर आने वाले वन्यजीवों व पक्षियों का नजारा देखा जा सकता है। इसके साथ ही छत के नीचे एक कमरा बनाया गया है। इसमें रात्रि विश्राम की भी सुविधा है। हालांकि यह टावर हट आम पर्यटकों के लिए नहीं खोले जाएंगे। मुख्यत: इन्हें प्रकृति प्रेमियों एवं वन व वन्यजीवों पर अध्ययन करने वालों के लिए बनाया गया है। अभी इन टावर हट क्षेत्र के तालों का भी सुदृढ़ीकरण एवं सुंदरी करने की योजना है।
महोफ रेंज में दो टावर हट बनाए गए हैं लेकिन इन्हें आम पर्यटकों के लिए नहीं खोला जाएगा। हट के साथ ही इन क्षेत्रों को और विकसित किया जा रहा है। - केपी सिंह, वन क्षेत्राधरिकारी, महोफ