गुणवत्ता पर उठे सवाल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो साल से चल रहा है निर्माण
एक्सईएन बोले, बिना पके ही निर्माण के तुरंत बाद ग्रामीणों ने उखाड़ी
पीलीभीत। ललौरीखेड़ा क्षेत्र में बरेली रोड से शरीफगंज होते हुए हरचुईया को जाने वाली आरईएस की सड़क पैर मारने से उखड़ने लगी है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। यहां बता दें कि साढ़े तीन करोड़ से सात किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण चल रहा है। एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था का बचाव करते हुए कहा कि सड़क निर्माण के तुरंत बाद ग्रामीणों ने उखड़ दी। सड़क को निर्माण के बाद पकने नहीं दिया था, जबकि पैर मारकर उखड़ती सड़क की सोशलमीडिया पर वीडियो वायरल हो रही है।
ललौरीखेड़ा इलाके में करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) की ओर से मई 2021 में काम निर्माण शुरू किया गया था। साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण मई 2022 में पूरा होना था। मगर सड़क का निर्माण अभी भी चल रहा है। बुधवार को सड़क पर कुछ लोगों ने पैर मारकर देखा तो सड़क उखड़ने लगी थी। इससे सड़क के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा। लोगों ने उखड़ती सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें एक राहगीर एक जूता मारकर सड़क को उखाड़ता दिखाई दे रहा है। इससे लोगों में विभाग के प्रति काफी रोष पनप रहा है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था मानक विहीन सड़क का निर्माण करा रही है। अफसर देखते तक नहीं आए। इससे पहले भी माधोटांडा क्षेत्र में आरईएस की सड़क निर्माण के तुरंत बाद हाथों से उखाड़ने का वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर कार्रवाई की गई।
इस मामले में एक्सईएन फुरकान अली (आरईएस) से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क का निर्माण रुका हुआ था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर काम शुरू कराया गया। सड़क पक भी नहीं पाई कि लोग उखाड़ने लगे। निर्माण कार्य में कहीं कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जबरदस्ती वीडियो बनाकर वायरल किया जा रहा है। ऐसे तो सड़क का निर्माण कराना ही मुश्किल हो जाएगा।