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अब पुलिस के मोबाइल में रहेगा अपराधियों का डाटा

Mon, 15 May 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए एसपी देवरंजन वर्मा ने पीलीभीत सिस्टम ऑफ क्रिमिनल डेटाबेस मैनेजमेंट की शुरुआत की है। इसके तहत जेल जाने और छूटने वाले शातिर अपराधियों का डाटा कम्प्यूटर से लेकर पुलिस के मोबाइल ग्रुप में फीड किया जाएगा। ऐसे में घटना के बाद पुलिस मोबाइल में फीड फोटो दिखाकर मौके पर ही पीड़ित से अपराधी की पहचान करा सकेगी। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता आयोजित कर एसपी ने इसके कार्य करने के तरीके को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उक्त सिस्टम के जरिए अपराधियों पर नियंत्रण की रूपरेखा तय की गई है। छह बिंदुओं पर पुलिस काम करेगी। जेल में बंद शातिर अपराधियों की जानकारी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी जेल चौकी इंचार्ज की रहेगी। जेल जाने और छूटकर बाहर आने वाले शातिर अपराधी की फोटो, वीडियो और अन्य  जानकारी जुटाई जाएगी। कचहरी में तारीख पर आने वाले शातिर अपराधियों की निगरानी कचहरी चौकी प्रभारी करेंगे। कौन किस दिन तारीख पर आया, किस समय तक मौजूद रहा। पूरा बयौरा रजिस्टर में दर्ज होगा। एक ह्वाटस्एप ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें जिले के समस्त सीओ, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज शामिल होंगे। उक्त ग्रुप पर प्रतिदिन डाटा फीड रहेगा। जिसको ग्रुप से उठाकर डीसीआरबी के पुलिसकर्मी कंप्यूटर में फीड करेंगे। पुलिस के पास 408 वीट आरक्षी हैं। इनको ही अपराधियों की निगरानी का जिम्मा सौंपा जाएगा। एसपी ने कहा कि इसकी मॉनीटरिंग के दौरान अगर लापरवाही सामने आती है तो तत्काल संबंधित वीट सिपाही को सस्पेंड कर दिया जाएगा। 
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