शासन द्वारा लागू की योजनाओं में जहां पारदर्शिता लाने का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं इन योजनाओं की धज्जियां भी उड़ाई जाती हैं। तराई क्षेत्र की महाराजपुर ग्राम पंचायत को लें तो यहां खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची में बड़ा खेल खेलते हुए पहले से बने बीपीएल व अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम सूची से उड़ा दिए गए और ऐसे धनवानों के नाम शामिल कर लिए गए जिनके पास कोठी से लेकर कारें तक हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान ने एसडीएम कलीनगर को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।महाराजपुर के पूर्व प्रधान अजीत मंडल समेत ग्रामीणों ने विधायक बाबूराम पासवान को ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया। ज्ञापन में कहा कि उनके गांव में गुटबाजी के चलते ऐसे बीपीएल व अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम खाद्य सुरक्षा की सूची से काट दिए गए जो वास्तव में गरीब व भूमिहीन है और ऐसे लोगों को शामिल कर लिया गया जो साधन संपन्न है। इसमें डॉ. विद्युत मंडल का पक्का घर व कार है। कालीपद की पत्नी कैलाशी की घर में बीड़ी कारखाना व मार्शल जीप, नित्यानंद की कपड़े की दुकान व पिकअप वाहन, शंकर गाइन की बीड़ी फैक्ट्री व कार, पंकज विश्वास डाक्टरी का पेशा करते हैं। इनके पास भी एक बोलेरो कार व दोपहिया वाहन, सुरजन साना पर की परचून की दुकान, कार, पक्का मकान, नागेंद्र मंडल के पास पक्का मकान, बोलेरो कार, इस्लामुद्दीन के पास बोलेरो कार व ट्रैक्टर, सुवल सरकार के पास पक्का मकान व एक मार्शल गाड़ी सहित करीब 36 ऐसे अपात्र हैं जिनके पास कृषि भूमि से लेकर पक्का मकान व व्यापार है। इधर क्षेत्रीय विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कलीनगर को सूची से अपात्रों के नाम हटाकर पात्रों के नाम शामिल करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर एसडीएम जेवी सिंह ने पूर्ति निरीक्षक को कार्रवाई करने के निर्देशित किया है। इस इस मामले मेें ग्राम प्रधान आशा मिस्त्री ने बताया कि इन नामों को उन्होंने खाद्य सुरक्षा की सूची में शामिल नहीं कराया था। यह उनसे पूर्व कोटेदार ने कार्य कराया था। उनका कोई लेना देना नहीं है।