एक दिन पहले बीसलपुर में अगवा किशोरी ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की थी। जिसको एक घंटे बाद पुलिस ने बरामद कर खुद की लापरवाही को छिपा लिया था। इसके ठीक 24 घंटे बाद एक बार फिर पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई। शराब के साथ पकड़े गए एक आरोपी ने जिला अस्पताल से भागने की कोशिश की। साथ आए दियोरिया पुलिस के कांस्टेबल को गच्चा देकर आरोपी भाग निकला। जिसको पास की एक गली से पुलिस ने धर दबोचा। इस मामले को भी पुलिस हजम करने में जुटी रही।
दियोरियाकलां पुलिस ने ग्राम बोहिता के तीन लोगों को कच्ची शराब के साथ पकड़ा था। शनिवार को उनको मेडिकल कराने के लिए कांस्टेबल मनीष चौधरी एक होमगार्ड के साथ टेंपो से लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। कांस्टेबल मनीष चौधरी इमरजेंसी में जाकर चिकित्सकों को मेडिकल संबंधी कागजात दिखाने लगे। इस बीच आरोपी भूपराम हाथ में बंधी रस्सी निकालकर भाग गश्या। अस्पताल के स्टाफ ने तीन के बजाए दो को देख पुलिस से तीसरे के बारे में पूछा। तीसरा आरोपी गायब देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। एक पुलिसकर्मी के साथ किसी अन्य कार्य से पहुंचे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह को इसकी जानकारी हुई। जिसके बाद उन्होंने मौजूद सिपाही के साथ आरोपी को तलाशा और जिला अस्पताल से शिवनगर जाने वाले रास्ते से आरोपी भूपराम को धर दबोचा। वारदात को लेकर जिला अस्पताल में हड़कंप मचा रहा।