रेल बजट को लेकर काउंट डाउन शुरू हो चुका है। जिले के लोगों को इससे खासी उम्मीदें भी हैं। उन्हें भरोसा है कि इस रेल बजट में एकमात्र बची पीलीभीत-शाहजहांपुर मीटर गेज लाइन को ब्राड गेज में बदलने के लिए बजट मिल जाएगा। दरअसल, इस उम्मीद के पीछे केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु का आश्वासन है। उन्होंने अपने पीलीभीत दौरे के समय कहा था कि इस रेल मार्ग के आमान परिवर्तन के लिए 350 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराया जाएगा।
जिले में भोजीपुरा-पीलीभीत-टनकपुर खंड के आमान परिवर्तन की परियोजना को वर्ष 2007-08 में रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी थी। 101.79 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर वर्तमान में भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच ब्राडगेज कंवर्जन का काम तेजी से चल रहा है। शेष पीलीभीत से टनकपुर के बीच होने वाला काम भी जल्द शुरू होना वाला है। वर्ष 2013 में पीलीभीत-ऐशबाग रेल मार्ग के आमान परिवर्तन को हरी झंडी मिलनेे के बाद इस खंड पर भी काम शुरू किया जा चुका है। एकमात्र पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल मार्ग को बड़ी रेल लाइन में तबदील करने की घोषणा होना बाकी है।
सुरेश प्रभु भी दे चुके हैं आश्वासन
केंद्र सरकार द्वारा 25 फरवरी को पेश किए जाने वाला रेल बजट काफी अहम है। आखिर हो भी क्यों न, क्योंकि केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने जनपद दौरे के समय प्रस्तावित पीलीभीत-शाहजहांपुर मीटर गेज लाइन के आमान परिवर्तन के लिए रेल बजट में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान करने का आश्वासन दिया था।
दो बार हो चुका है सर्वे
रेलवे सूत्रों के मुताबिक पीलीभीत-शाहजहांपुर मीटर गेज लाइन के आमान परिवर्तन को लेकर इस रेल मार्ग का दो बार सर्वे किया जा चुका है। राजनीतिक दवाब के चलते पिछला रेल बजट आने से पहले उक्त रेल मार्ग का प्रस्ताव भी बनाकर भेजा गया था। इन सबके चलते लोगों को उम्मीद थी कि उक्त प्रोजेक्ट को बजट मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
रेलमंत्री वादा पूरा करें
जिले में ब्राडगेज कंजर्वन का कार्य तेज गति से चल रहा है। एकमात्र पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट अभी इससे महरूम है। रेल मंत्री ने इसे बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया था। बजट में शामिल कर उन्हें अपना वादा पूरा करना चाहिए।
-हाजी अफरोज जिलानी, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
रेल बजट से काफी उम्मीदें
पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल मार्ग ही बड़ी रेल लाइन से अछूता है। इसको लेकर पूर्व में कार्रवाई भी पूरी की जा चुकी है। इस रेल बजट से जिलेवासियों को काफी उम्मीदें हैं।
- अनिल वर्मा, दैनिक यात्री