परिवहन विभाग ने सड़कों पर फर्राटा भरने वाले ई-रिक्शों के संचालन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इससे अब ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ते नजर नहीं आएंगे। 19 सितंबर से एक हफ्ते का अभियान चलाकर ई-रिक्शा संचालकों और विक्रेताओं पर कार्रवाई के निर्देश डीएम, एसपी, आरटीओ व एआरटीओ को दिए हैं। परिवहन विभाग के इस फरमान से शहर में संचालित करीब एक दर्जन ई-रिक्शा चालाकों के सामने रोटी-रोजी की दिक्कत खड़ी हो गई है।
परिवहन आयुक्त कार्यालय के अपीलीय प्राधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने आदेश में कहा है कि प्रदेश भर में बैटरी चलित ई-रिक्शा अनाधिकृत रूप से चल रहे हैं। इन रिक्शों का निर्माण और बिक्री भी अनाधिकृत रूप से की जा रही है। उन्होंने सभी जिलों के डीएम, एसपी, आरटीओ और एआरटीओ को पत्र भेजते हुए कहा कि ई-रिक्शा के संचालन पर तत्काल रोक लगाएं।
19 सितंबर से एक हफ्ते का अभियान चलाने और ई-रिक्शा निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रतिदिन की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी परिवहन आयुक्त कार्यालय में मांगा है। शहर में करीब एक दर्जन लोग ऐसे हैं। जिन्होंने बैंक से लोन या फिर अपनी संपत्ति बेचकर ई-रिक्शा खरीदा है और उसे चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। परिवहन विभाग के इस आदेश से ई-रिक्शा मालिकों व चालकों में हड़कंप मच गया है। एसपी जवाहर ने बताया कि आदेश प्राप्त हो गया है। सीओ ट्रैफिक और एआरटीओ को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।