मुख्यमंत्री के हाथों लांच हुए बाघ मित्र एप से वन्यजीवों की लोकेशन ट्रेस करने और उनकी पहचान में आसानी होगी। यही नहीं एप में वन्यजीवों का पूरा विवरण सुरक्षित रहेगा। एप पर कोई भी सूचना दर्ज होते ही इसका अलर्ट डीएफओ को मिल जाएगा। इसे संचालित करने के तौर तरीकों की जानकारी देने के लिए जल्द ही बाघ मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में करीब सौ बाघ मित्र हैं। वन्यजीवों के जंगल से बाहर आने या फिर कोई घटना होने पर सबसे पहले यही लोग मौके पर पहुंचते हैं और अधिकारियों को वन्यजीव की लोकेशन के साथ ही पूरी जानकारी देते हैं। कभी-कभी लोकेशन बताने में चूक भी हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया एप
शुक्रवार को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाघ मित्र एप लांच किया। अब इस एप के माध्यम से ही बाघ मित्र अपने-अपने क्षेत्र में काम करेंगे। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया बाघ मित्र लांच हो गया है। इसमें कई खूबियां हैं। इसे बाघ मित्रों को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा।
एप पर मौके से ही फोटो और अन्य सूचनाओं को दर्ज किया जा सकेगा। सूचना दर्ज होते ही डीएफओ के पास इसका अलर्ट पहुंचेगा। इसके बाद टीम भी मौके पर भेजी जाएगी। एप का उपयोग कैसे होगा, इसके लिए जल्द ही बाघ मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।