कभी घर-घर में फुदकने वाली गौरेया अब विलुप्त सी होती जा रही है। इसके संरक्षण और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए वन विभाग ने गौरेया बॉक्स का वितरण शुरू कराया है। शनिवार को बेनहर कॉलेज में इनके वितरण के अभियान का शुभारंभ किया गया।
गौरेया संरक्षण के लिए इस बार 20 मार्च को पूरे प्रदेश में गौरेया दिवस मनाया जाएगा। इससे पूर्व लोगों को इसकी जानकारी देने और जन सामान्य को इसकी उपयोगिता के बारे में जागरूक करने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत लकड़ी से विशेष रूप से तैयार गौरेया बॉक्स का वितरण किया जाना है। सामाजिक वानिकी और टाइगर रिजर्व को 500-500 बॉक्स वितरित करने हैं। शनिवार को बेहनर कॉलेज से इसका शुभारंभ हुआ। सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार, टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश सहित तमाम अधिकारियों ने बच्चों एवं कॉलेज स्टाफ को गौरेया की पहचान, इसकी उपयोगिता, संरक्षण की जरूरत और इसे बचाने के उपाय बताए। इसके बाद बच्चों को गौरेया बॉक्स वितरित किए गए और कॉलेज परिसर में भी इन्हें लगाया गया। कॉलेज के प्रशासक परविंदर सिंह सैहमी ने कहा कि जिन छात्र छात्राओं को बॉक्स नहीं मिला है वह यदि स्वयं बॉक्स बनाकर लगवाते हैं तो उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के नरेश कुमार, जीेशू चक्रवर्ती, कंधईलाल, पर्यावरण चिंतक टीएच खान, कॉलेज प्रधानाचार्य रंजीत सिंह, नितिन कौशिक सहित कई लोग थे।