जिले की 280 ग्राम पंचायतों में राजीव गांधी सेवा केंद्र बनाने के लिए वर्ष में 2009-10 में 10 लाख रुपये प्रति केंद्र के हिसाब से 28 करोड़ की धनराशि जारी की गई थी, लेकिन जिले के अधिकांश गांव में इसका निर्माण न कराकर कई स्थानों पर बंदरबांट कर लिया गया और कई केंद्र आज भी अधूरे पड़े हैं। इसकी शिकायतें होने पर डीएम के निर्देश पर जांच शुरू कराई गई। जिसमें करीब 179 ग्राम पंचायतों में 1.58 करोड़ की गड़बड़ी पाई गई। डीएम ने इस धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए थे। इसके लिए प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुछ दिन पूर्व जिले के छह ब्लाकों के 75 प्रधानों को नोटिस जारी कर रिकवरी में निकली धनराशि की आधी रकम जमा करने के निर्देश दिए गए थे। बड़ा ब्लाक होने के कारण पूरनपुर की सूची बनने में समय लग गया था। इस ब्लाक में कुल 115 राजीव गांधी सेवा केंद्र बनने थे जिसमें 104 में कोई निर्माण ही नहीं कराया गया तो कहीं काम अधूरे पड़े हैं। इस पर अब डीएम ने पूरनपुर ब्लाक के 104 प्रधानों को भी नोटिस जारी कर रिकवरी की धनराशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पंचायत सचिवों को भी नोटिस की तैयारी
केंद्रों के निर्माण में सामने आई 1.58 करोड़ रुपये की धनराशि में से आधी रिकवरी ग्राम पंचायत/विकास अधिकारियों से की जानी है। इसके लिए पंचायत अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है।
राजीव गांधी सेवा केंद्रों में गड़बड़ी मिलने पर रिकवरी कराई जानी है इसके लिए प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं। सचिवों को भी जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।
ओएन सिंह, जिलाधिकारी