नए साल से बर्फीली हवाओं के चलते मौसम में गलन बरकरार है। शीतलहर और कोहरे के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है। वाहन चलाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह रहा कि रात आठ बजे के बाद खुले क्षेत्रों में आगे चल रहे वाहन को करीब 100 मीटर की दूरी तक देखना मुश्किल हो रहा है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री और अधिकतम 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले कुछ दिनों से शीतलहर का कहर लगातार जारी है। मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। गुरुवार की सुबह बर्फीली हवाओं से मौसम में गलन बरकरार रहीं। इससे दिन भर लोग ठंड से कांपते नजर आए। रोड पर निकलने वालों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। दोपहर दो बजे के बाद सूर्य देवता के दर्शन हुए लेकिन ठंड से कोई राहत नहीं मिली। शाम पांच बजते ही तेज बर्फीली हवाओं और आसमान में छाए बादलों से पारा लुढ़कने के साथ ठंड बढ़ती गई और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बर्फीली हवाओं के चलते बढ़ी गलन से बचने के लिए लोग घरों पर अलाव और रजाई में लिपटे रहे। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से कांप रहे गरीबों के लिए अलाव के इंतजाम पर पालिका की ओर से सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सबसे बुरा हाल ई-रिक्शा व दुपहिया वाहनों से सफर करने वाले लोगों का रहा। सुबह शाम ट्यूशन को जाने वाली स्कूटी, साइकिल सवार विद्यार्थियों को बुरा हाल दिखा।