गांव मुड़िया पसगंवा में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करती कवियत्री । स्रोत - कमेटी
बिलसंडा। ब्लॉक क्षेत्र के गांव मुड़िया पसगवां में सोमवार को गांधी जयंती के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों की जमकर वाहवाही लूटी।
शुभारंभ मुख्य अतिथि नितिन पाठक और रत्नेश गंगवार ने मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण व दीपार्चन कर किया। लखनऊ से आईं कवयित्री सोनी मिश्रा ने सुनाया-
सिंधु गहराई कोई नाप नही सकता है,
उसकी लहरों को कोई भांप नहीं सकता।
छतरपुर मध्यप्रदेश से आए कवि नितेंद्र सिंह परमार ने सुनाया-
पुत्र सभी हम भारत मां के,
फिर कैसा यह भेद कहो।
पीलीभीत के सरोज सरगम ने पढ़ा-
गमों को मैं भुलाना जानती हूं,
मैं खुद में मुस्कुराना जानती हूं।
आगरा से आए कवि गणेश शर्मा ''विद्यार्थी'' ने कहा-
सहज सरल बनो, दूर रखो अभिमान,
खून में तुम्हारे स्वाभिमान होना चाहिए।
बीसलपुर के विनोद बिरला कवि ने सुनाय
आज तिरंगा लहरायेगा, सारे हिन्दुस्तान में।
हो गया संशोधन देखो, मेरे संविधान में।