पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार से एक बार फिर लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू लगने की बात तेजी से फैल रही है। आपदा में अवसर तलाशते हुए कारोबारियों ने खाद्य सामग्रियों की कालाबाजारी भी शुरू कर दी है। थोक विक्रेताओं ने स्टाक करना शुरू कर दिया है। इससे दुकानों पर राशन का सामान भी महंगा हो गया है। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
जिले मे सक्रिय संक्रमितों की संख्या पांच सौ के पार पहुंचते ही रात्रि कर्फ्यू भी लगभग तय माना जा रहा है। इसी के बीच कालाबाजारी करने को भी कुछ बड़े व्यापारियों ने तैयारी शुरू कर ली है। रोजमर्रा के जरूरी सामान के दाम अभी से बढ़ा दिए हैं। रिफाइंड पर बीस रुपये, सरसों के तेल पर 25, बेसन पर दस, चना और अरहर की दाल पर दस-दस रुपये, सोयाबीन के दाम में बीस रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके अलावा थोक विक्रेताओं ने खाद्य सामग्रियों का स्टाक शुरू कर दिया है। जो फुटकर दुकानदारों को दे रहे हैं, वह भी महंगा। एक थोक विक्रेता ने बताया कि राशन सामग्री की डिमांड बढ़ने से महंगाई बढ़ी है। जबकि एक फुटकर दुकानदार ने बताया कि थोक विक्रेताओं ने लॉकडाउन के डर से स्टाक करना शुरू कर दिया है। जो सामान दे रहे हैं। वह भी महंगा मिल रहा है। थोक विक्रेता स्टाक ऊपर से नहीं आने की बात कह रहे है। जबकि ट्रांसपोर्टर्स की माने तो सामान अन्य दिनों की तरह की आ रहा है। अभी तक न ही स्टाक कम हुआ है और न डिमांड बढ़ी है। खास बात तो यह है कि थोक विक्रेताओं ने लॉकडाउन के नाम पर कालाबाजारी शुरू कर दी है। ग्राहक भी लॉकडाउन के भय से बिना कुछ बोले महंगा सामान खरीद रहे है।
तंबाकू के भी दाम बढ़े
तंबाकू पदार्थों के थोक विक्रेताओं ने भी स्टाक करना शुरू कर दिया है। 180 रुपये में मिलने वाला पैकेट अभी से 250 में थोक विक्रेता बेचने लगे है। इस कालाबाजारी से गरीब तबके के छोटे दुकानों ने इस काम को भी बंद कर दिया है।
एक नजर खाद्य सामग्रियों के दाम पर
सामग्री पहले अब
रिफाइंड 135 155
सरसों का तेल 140 165
चने की दाल 65 75
अरहर की दाल 110 120
बेसन 75 85
चीनी 36 38
सफेद चना 90 115
सोयाबीन 80 100
आटा 22 23
चावल मंसूरी 35 37
हल्दी पिसी 160 162
मिर्च पिसी 220 225
धनिया पिसा 140 142
जीरा 200 202
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नोट: दाम प्रति किलो में