पूरनपुर के प्राइवेट अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा करते लोग।संवाद
पूरनपुर। निजी अस्पताल मेंं भर्ती नवजात की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सक दंपती पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। बाद में समझौता होने पर परिजनों ने कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया।
माधोटांडा थाने के गांव सुखदासपुर नवदिया निवासी जाहिद वेग ने बताया कि उसकी पत्नी यास्मीन ने 13 जुलाई को पुत्री को जन्म दिया था। नवजात के कमजोर होने पर उसे पूरनपुर नगर के ब्लाॅक रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर, ऑक्सीजन सहित अन्य सभी सुविधाएं होने और दो-चार दिन में बच्चे के ठीक होने की बात कही।
जाहिद का आरोप है कि दो-दिन तक बच्चे को कोई स्पेशलिस्ट डॉक्टर देखने नहीं आया। अस्पताल के चिकित्सक दंपती और नाबालिग कथित फार्मासिस्ट इलाज करते रहे। रविवार रात में चिकित्सक दपंती और कर्मचारी घर जाकर सो गए। इसी बीच बच्चे को लगाई गई ऑक्सीजन खत्म हो गई। रात करीब तीन बजे नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि लापरवाही की शिकायत चिकित्सक और उसकी पत्नी से करने पर दोनों गाली-गलौज करने लगे। पिटाई करने पर उतारू हो गए। बाद में धक्का देकर उसे और उसकी पत्नी को अस्पताल से निकाल दिया गया।
गुस्साए परिजन गेट के बाहर ही प्रदर्शन करने लगे। हंगामा करते हुए वह अस्पताल के सामने ही सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस से चिकित्सक दंपती पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। तहरीर भी दी। बाद में करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद समझौता होने पर नवजात के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि सूचना पर एक टीम मौके पर भेजी गई थी। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद नवजात के परिजनों ने कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया।