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दुकानों पर नहीं पहुंचा शराब का स्टाक, नए दामों की सूची का इंतजार

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पीलीभीत। एक दिन में दो करोड़ की शराब बिकने के बाद दुकानों पर शराब के स्टाक की कमी दूर नहीं हो सकी है। नया माल गोदाम तक पहुंच गया है, मगर अभी इसकी सप्लाई दुकानों पर नहीं की गई। दूसरे प्रांतों की तरह उत्तर प्रदेश में भी शराब के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि अभी शराब की नई रेटलिस्ट जारी नहीं हुई है। दुकानों में स्टाक न पहुंचाए जाने के पीछे भी यही वजह मानी जा रही है।
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चूंकि जब शराब महंगी होनी ही है तो दुकानदार यह सोचकर बैठे हैं कि कुछ दिन रुके रहेें। अभी सस्ते में क्यों बेची जाए। फिलहाल आबकारी विभाग के अधिकारी दुकानों पर शराब का पुराना स्टॉक न होने की वजह सिर्फ यह बता रहे हैं कि दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह पूरी होगी, दुकानों पर शराब का स्टाक उपलब्ध करा दिया जाएगा।
लॉकडाउन में शराब की दुकानें भी बंद की गई थीं। 43 दिन तक शराब की दुकानें बंद रही। लॉकडाउन थ्री में शासन से हरी झंडी मिलने के बाद दुकानें् सोमवार को खुलीं। पहले ही दिन जिले में दो करोड़ की शराब बिक गई। अंग्रेजी शराब की 35, देसी शराब की 213 और बीयर की 18 दुकानों में से 70 प्रतिशत दुकानों का स्टाक खत्म हो गया था। दूसरे दिन मंगलवार को दुकानों में गिने-चुने ढाई हजार रुपये और इससे ऊपर कीमत के महंगे ब्रांड ही रह गए थे। उनकी बिक्री नहीं हो सकी। आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार शराब का नया स्टाक गोदाम में उतर चुका है। लगातार इसकी खेप आ रही है। दुकानों पर शराब की कोई कमी नहीं रहेगी, लेकिन अभी शराब का स्टाक वहीं पहुंचाया जाएगा, जिन दुकानों का नवीनीकरण हो चुका होगा। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए वित्तीय वर्ष में शराब के दाम भी बढ़ेंगे।
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अभी पुराना स्टाक ही रहेगा
बुधवार को दुकानों में माल पहुंचने के कयास लगाए गए थे। मगर ऐसा नहीं हुआ। दुकानों पर बचा हुआ पुराना स्टाक ही था। जो चंद ब्रांड शराब की बोतलों के मुहैया थे, उनकी नाममात्र की बिक्री चलती रही। शराब के शौकीन मनचाहा ब्रांड न मिलने से परेशान भी हुए। वे दुकानों तक पहुंचे तो मगर जब मनपसंद ब्रांड का स्टाक नहीं दिखा तो मायूस होकर लौट गए। नतीजतन दुकानों पर लगातार दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा।
अब जमाखोरी रोकने पर दे रहे ध्यान
शराब का स्टाक लोग करने लगे थे। पहले दिन जब दुकानों को खोला गया तो लोग अधिक संख्या में बोतलें या पूरी पेटी खरीदते दिखे थे। अब शराब का घरों में स्टाक न किया जा सके, इस पर जोर दिया जा रहा है। दुकानों पर ग्राहक को एक बोतल से अधिक शराब नहीं दी जा रही है।
शराब का नया स्टाक कई दुकानों पर पहुंचाया गया है। अभी नए दाम तय नहीं हुए हैं, इसलिए पुराने दाम पर ही शराब की बिक्री चल रही है। जिन दुकानों का रिन्यूवल नहीं हुआ है, उनमें अभी नया माल नहीं पहुंचा है। - संजय कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
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