पीलीभीत। ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली मनरेगा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। अब मनरेगा के स्थान पर ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था में मजदूरों के लिए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड तैयार किए जाएंगे। जिले में इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। पुराने जॉब कार्ड धारकों के साथ ही नए श्रमिकों का भी पंजीकरण कर कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया चलेगी।
जिले में वर्तमान में करीब 1.52 लाख जॉब कार्ड धारक मजदूर हैं। इन सभी श्रमिकों को नई व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुराने जॉब कार्ड से संबंधित विवरण को नए रोजगार गारंटी कार्ड की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। वहीं ऐसे ग्रामीण परिवार और मजदूर, जिनके अभी तक जॉब कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें भी योजना का लाभ दिलाने के लिए नए सिरे से पंजीकरण किया जाएगा।
पीलीभीत में कुल 721 ग्राम पंचायतें हैं। नई योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में श्रमिकों का विवरण जुटाने और रोजगार गारंटी कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया होगी। ग्राम पंचायत स्तर पर पात्र श्रमिकों की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें पुराने जॉब कार्ड धारकों के रिकॉर्ड को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा रोजगार की जरूरत रखने वाले नए मजदूरों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है।नई योजना शुरू होने के साथ पुराने जॉब कार्ड धारकों को अलग नहीं किया जाएगा। जिले में पहले से पंजीकृत करीब 1.52 लाख श्रमिकों के साथ नए श्रमिकों को भी शामिल किया जाएगा।
डीसी मनरेगा हेमंत यादव ने बताया कि जिले में पुराने जॉब कार्ड धारकों के साथ नए मजदूरों के भी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए काम शुरू हो गया है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में श्रमिकों का विवरण तैयार कर नई व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। संवाद