संसाधनों की कमी से जूझ रही न्यूरिया सीएचसी
सरकार ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैय्या कराने के लिए प्रयास रत है लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों व संसाधनों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र न्यूरिया में कहने को चार डाक्टर हैं, लेकिन सर्जन व विशेषज्ञों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है। तीस शैय्या वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी जुड़ी हुई है। यहां बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी समेत ऐनेस्थिस्ट का पद सृर्जित है, लेकिन इनमें से कोई विशेषज्ञ मौजूद नहीं है। वर्तमान में यहां प्रभारी अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. इरा, डॉ. सुधीर व्यास व डॉॅ. पंकज कुमार तैनात है। प्रभारी अधीक्षक के जिला मलेरिया अधिकारी समेत कई अन्य चार्ज की व्यस्तता के चलते अधिकांश समय ओपीडी को नहीं दे पाते। ऐसे में मरीजों को या तो जिला मुख्यालय या फिर प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में दवाओं का टोटा
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी तो हैं ही साथ ही दवाओं का टोटा है। इन दिनों खुजली आदि के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में इससे जुड़ी दवाएं नहीं है। इसके अलावा लीवर, ताकत से संबंधित सीरप आदि की भी कमी बनी हुई है।