कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में नेपाली हाथियों की मौजूदगी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार रात छह हाथियों के झुंड ने बराही रेंज के जंगल से निकलकर बसंतपुर गांव की सीमा में पहुंचकर किसान मनीष के खेत में धान और गन्ने की फसल को रौंद डाला। किसानों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को खेत से खदेड़ा। इसके बाद हाथियों का झुंड वाइफरकेशन पहुंचा और वहां भी जमकर उत्पात मचाया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में नेपाली हाथियों की मौजूदगी करीब एक वर्ष से बनी हुई है। हाथियों का झुंड अक्सर जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच जाता है। इससे किसानों की धान और गन्ने की फसलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसलों को नुकसान पहुंचने के डर से कई किसानों ने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है। रात के समय हाथियों के झुंड की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
बसंतपुर निवासी किसान मनीष ने बताया कि हाथी जंगल की तारफेंसिंग को क्षतिग्रस्त कर खेतों की ओर पहुंचे और करीब ढाई बीघा फसल को रौंद दिया। खेत में लगे अन्य कृषि उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।