माधोटांडा। नेपाल से आए जंगली हाथियों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। अब हाथियों संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई। हाथियों के झुंड ने रमनगरा क्षेत्र में कई किसानों की धान की फसल को रौंद डाला। ग्रामीण रात भर हाथियों को खदेड़ने में लगे रहे।
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से 17 दिन पहले तीन हाथी शारदा नदी के पार टाइगर रिजर्व के इलाके में आ गए थे। ये हाथी अब तक गोरखडिब्बी, थारु बस्ती, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा और गुन्हान इलाके में आतंक मचाकर फसलें उजाड़ चुके हैं। नेपाली हाथी अब तक दस से अधिक किसानों की झोपड़ियां उजाड़ने के साथ धान की फसलों को भी तबाह कर चुके हैं। अब हाथियों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई। नेपाली हाथियों ने रात रमनगरा क्षेत्र मेें धावा बोल दिया। ग्रामीणों के शोर-शराबे पर हाथियों का झुंड गांव के अंदर तो नहीं घुस सका, मगर हाथियों ने सुरेश राजभर, मिथिलेश पांडे ,जमुना राजभर, भवानंद मंडल, हरि देवड़ी, रंजन देवड़ी समेत सात किसानों की धान की फसल को रौंद डाली। किसानों की रात हाथियों को भगाने में ही गुजर गई। किसानों का कहना है कि नेपाली हाथियों की संख्या और भी बढ़ सकती है। वन विभाग को इन्हें खदेड़ने का इंतजाम करना चाहिए।
नेपाली हाथियों के आने की सूचना पर वनकर्मियों को निगरानी पर लगाया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। - डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही