गजरौला क्षेत्र में खेतों में घूमता नेपाली हाथी। स्रोत:वीडियो ग्रैब
गजरौला। नेपाली हाथियों का उत्पात थमने का नहीं ले रहा है। सोमवार की रात गजरौला क्षेत्र के बैवहा फार्म पहुंचे दो हाथियों ने किसानों की फसलोंं को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और बाइक की आवाज कर हाथियों को खदेड़ा। हाथियों की दस्तक के चलते ग्रामीण रातभर निगरानी करने को मजबूर हुए।
नेपाल के दो हाथी करीब डेढ़ माह पूर्व से पीटीआर की माला रेंज में डेरा जमाय हुए हैं। झुंड से भटके हाथी पुराने रास्ते में नहीं लौट पा रहे हैं। करीब पांच किमी दायरे में हाथियों की चहलकदमी बनी हुई है। इसको लेकर विभाग की टीमें निगरानी में जुटी हैं। शुरुआत में इन हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया था। रात होते ही जंगल से बाहर निकलने के लिए जालफेंसिंग को तोड़ने के साथ फसलों को भी बर्बाद किया था। करीब दस दिनों से हाथियों की जंगल से बाहर चहलकदमी कम हो गई थी, लेकिन सोमवार रात करीब नौ बजे हाथी फिर जंगल से बाहर गजरौला क्षेत्र के बैवहा फार्म क्षेत्र की ओर निकल आए। किसान गुरप्रीत सिंह के खेत में फसलों को रौंद रहे हाथियों पर किसानों की नजर पड़ी तो दहशत फैल गई। क्षेत्र के किसान एकत्र हुए और ट्रैक्टरों की मदद से आवाज और रोशनी कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। सूचना पर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और निगरानी शुरू की है। हाथियों की दस्तक को देखते हुए क्षेत्र के किसान रातभर जागने पर मजबूर हुए।