अहमदाबाद में अपने तहेरे भाई से बिछड़े नेपाल राष्ट्र के जिला दोहलक (डुल्लू) के गांव छुवाला निवासी शिवप्रसाद जोशी के 14 वर्षीय पुत्र ऋषिपाल जोशी को पीलीभीत के शाहिद हुसैन जैदी ने सहारा दिया। 25 दिन बाद वह उसे लेकर पीलीभीत पहुंचे और किशोर को एएसपी के सामने पेश कर उसे घर पहुंचाने की गुजारिश की। एएसपी ने शहर कोतवाल को नेपाल के अधिकारियों से संपर्क कर किशोर को उसके घर वालों को नेपाल सीमा पर सौंपने के आदेश दिए।
शहर के मोहल्ला मोहम्मद फारूख निवासी शाहिद हुसैन जैदी अहमदाबाद में रहकर वाहन चलाते हैं। अहमदाबाद में करीब 25 दिन पहले एक 14 वर्षीय किशोर भटक रहा था। रो रहे किशोर को जब उन्होंने पूछा तो उसने बताया कि उसका नाम ऋषिपाल जोशी है। वह नेपाल के जिला दोहलक (डल्लू) के गांव छुआला का निवासी है। किशोर ने बताया कि वह अपने तहेरे भाई मिलन और एक अन्य के साथ अहमदाबाद आया था और रेलवे स्टेशन पर बिछड़ गया।
उसने अपने पिता का नाम शिवप्रसाद जोशी और माता का नाम मंसरा जोशी बताया। उसने बताया कि वह अपने घर से बहराइच जिले के रुपैडिहा बार्डर से होकर अहमदाबाद आया था। आसरा देने वाले शाहिद हुसैन ने बताया कि गलत लोगों के हाथ किशोर न लग जाए यह सोचकर उन्होंने उसे अपने घर पर आश्रय दिया। सोमवार को वह किशोर को साथ लेकर पीलीभीत आए।
मंगलवार को एएसपी सुधीर कुमार सिंह के सामने किशोर को लेकर पहुंचे और उसे नेपाल स्थित घर भेजवाने की मांग की। इस पर एसपी ने शहर कोतवाल को आदेश दिए कि सीमावर्ती नेपाल के अधिकारियों से बात कर लें और किशोर के साथ एक सिपाही को बार्डर पर भेज कर वहीं पर घरवालों को बुलाकर सुपुर्द कर दें। शहर कोतवाल अतुल प्रधान ने बताया कि बुधवार को किशोर को उसके घर भिजवाया जाएगा। फिलहाल नेपाली किशोर शाहिद के पास ही है।