बीसलपुर के राजकीय महिला अस्पताल का जर्जर भवन। संवाद
पीलीभीत/बीसलपुर। मरम्मत का हवाला देते हुए समायोजित किए गए महिला अस्पताल का अब तक संचालन नहीं हो सका है। आलम यह है कि अस्पताल का भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। सीएचसी आने वाले मरीज अब यहां अपने वाहनों को खड़ा करने लगे है। अराजक तत्वों के लिए भी भवन शरणस्थली बन गया है।
महिला मरीजों की सुविधा के लिए सीएचसी बीसलपुर के सामने ही महिला अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। अस्पताल में प्रसव कराने के साथ ही महिलाओं से जुड़ी अन्य बीमारियों का भी इलाज किया जाता। महिला अस्पताल में महिला चिकित्सक व अन्य कर्मचारी समेत पूरा स्टाफ मौजूद था।
महिला अस्पताल वर्ष 2000 तक सही ढंग से संचालित होता रहा। इसके बाद अधिकारियों ने जर्जर भवन की मरम्मत का हवाला देकर अस्पताल को सीएचसी में समायोजित कर दिया। इसके बाद से भवन की अब तक न तो मरम्मत हो सकी और न ही संचालन हो सका।
अब यहां पहुंचने वाली महिला मरीजों को उपचार के लिए सामने स्थित भवन में जाना होता है। क्षेत्रीय लोग कई बार इस भवन में महिला अस्पताल शुरू करने की मांग कर चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही।
बीसलपुर के राजकीय महिला अस्पताल का जर्जर भवन। संवाद
बीसलपुर के राजकीय महिला अस्पताल का जर्जर भवन। संवाद