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अब तक स्वास्थ्य उपकरण क्यों नहीं खरीदे, विधायक ने वापस मांगी धनराशि

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पीलीभीत। कोविड-19 महामारी में मदद के तौर पर चारों विधायकों ने अपनी-अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को मार्च के आखिरी सप्ताह में दिए थे। अब तक स्वास्थ्य विभाग इस धनराशि से कोरोना के उपचार के लिए जरूरी उपकरण नहीं खरीद पाया। यह आरोप लगाते हुए बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने सीडीओ को पत्र लिखकर अपनी रकम वापस मांगी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि परिस्थितियों को देखते हुए ही जरूरी स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद की जा रही है।
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देश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद लगे लॉकडाउन के बीच मार्च के अंतिम सप्ताह में शहर विधायक संजय सिंह गंगवार, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने 10-10 लाख और बीसलपुर विधायक ने 12 लाख रुपये विधायक निधि से स्वास्थ्य विभाग को जरूरी उपकरण खरीदने के लिए दिए थे। लंबे समय तक यह धनराशि स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे ही पड़ी रही। इस पर चारों विधायकों ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में उपकरण खरीदने के लिए फाइल आगे बढ़ाई। मगर, 50 दिन बाद भी पूरी विधायक निधि खर्च नहीं हो पाई। न ही जनपद में अब तक वेंटिलेटर की खरीद हो पाई। इस पर नाराजगी जताते हुए बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी श्री निवास मिश्र को पत्र लिखकर अपनी विधायक निधि की वह रकम वापस मांगी है, जो उन्होंने मार्च के आखिरी हफ्ते में दी थी।
विधायक ने कहा कि कोरोना के उपचार में स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए विधायक निधि से 12 लाख रुपये दिए गए थे। अब तक उससे संबंधित क्या उपकरण क्रय किए गए। कितने लाभार्थियों को उसका फायदा मिला। इसकी तारीख सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। विधायक ने कहा कि यदि उनकी विधायक निधि से जरूरी स्वास्थ्य उपकरण क्रय नहीं किए गए है तो विधायक निधि की रकम की वापसी सुनिश्चित की जाए।
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29.28 लाख रुपए खर्च कर चुका है स्वास्थ्य विभाग
चारों विधायकों ने अपनी विधायक निधि से 41 लाख 97 हजार 500 रुपये दिए हैं। इस धनराशि में से अब तक 29 लाख 28 हजार 554 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अभी 12 लाख 68 हजार 946 रुपये बाकी बचे हैं। विधायक निधि की रकम से 2700 पीपीई किट, 2820 एन-95 मॉस्क, 30,000 थ्री लेयर मॉस्क, 2000 लीटर हाइपोक्लोराइड दवा, 7500 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर और 69,000 ग्लब्स खरीदे जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण जांच संबंधी उपकरण के मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वेंटिलेटर जैसे उपकरण शासन ने स्वयं उपलब्ध कराने की बात कही है। इसलिए इन्हें नहीं खरीदा गया है। परिस्थितियों को देखते हुए विधायक निधि की धनराशि का उपभोग किया जा रहा है।
विधायक निधि से आवंटित धनराशि से जरूरी सामान की खरीदारी की गई है। चिकित्सीय उपकरण शासन स्तर से उपलब्ध कराने को कहा गया है। परिस्थितियों को देखते हुए ही धनराशि का उपभोग किया जा रहा है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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