बीसलपुर के गांव इलाबांस देवल के देवी मंदिर की दीवार पर लगा अपठनीय भाषा का शिलालेख।
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दियोरिया। मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर गांव इलाबांस देवल में स्थित प्राचीन देवी मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर में नवरात्र के दिनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंच रहे हैं।
मंदिर के पुजारी कृष्णानंद गिरि ने बताया कि मंदिर 100 साल से भी पुराना है। मंदिर का संबंध राजा बेन से है। मंदिर की एक दीवार पर प्राचीन लिपि में लिखा शिलालेख अब भी लगा है। मंदिर परिसर में प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा को मेला लगता है। दोनों मेलों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां की पूजा अर्चना करते हैं। भक्तों का मानना है कि देवी मंदिर में सच्चे मन से मांगी हर मनौती पूरी होती है। मंदिर परिसर में बरेली के मोहल्ला कालीबाड़ी में रहने वाले लोध बिरादरी के भक्त हर साल आठ दिन का शिविर लगाकर पूजा अर्चना करते हैं। भक्तों के बीच इलाबांस मंदिर की बहुत मान्यता है। नवरात्र में प्रतिदिन सुबह छह बजे से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। पुरातत्व विभाग ने भी यहां की ऐतिहासिकता की पहचान के लिए मंदिर परिसर की खुदाई कराई थी। उसमें प्राचीन समय की मूर्तियां और शिलालेख निकले थे। उन पर लिखी लिपि काफी प्राचीन है। अंग्रेज इतिहासकार भी मंदिर की प्राचीनता और धार्मिक पहलुओं पर शोध कर चुके हैं। प्राचीन शिलालेख और मूर्तियां को संग्रहालय में रखने की मांग भी उठ चुकी है।
बीसलपुर के गांव इलाबांस देवल का देवी मंदिर।- फोटो : PILIBHIT