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नौजल्हा में बनेगा ढाई किमी लंबा जियो ट्यूब बांध

Sat, 06 Feb 2016 10:58 PM IST
पीलीभीत
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बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए केंद्र सरकार के सेंट्रल रिजर्व फंड से दी जाने वाली धनराशि पर भी पूरी तरह से रोक लगाने के बाद हाथ पर हाथ धरे बैठी यूपी सरकार ने अब कुछ बाढ़ नियंत्रण कार्यों को बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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शारदा नदी सहित जिले की कई नदियां बरसात के दौरान जमकर तबाही मचाती हैं। इधर ढाई दशक से यह तबाही और भी बढ़ गई है। जिले में अब तक दर्जनों गांवों की आबादी का क्षेत्र और हजारों एकड़ कृषि भूमि कटान के चलते रेत के ढेर में तब्दील हो चुकी है। उधर, पिछले वर्षों में नेपाल ने भी अंतर्राष्ट्रीय पिलर 28 के निकट वमनी नदी को भारतीय क्षेत्र में डाल दिया था, जिसके चलते यह तबाही और भी बढ़ गई थी।

शारदा डैम भी है नदी के निशाने पर
प्रथम पंचवर्षीय योजना में जब शारदा सागर डैम बनाया गया, उस दौरान शारदा नदी से डैम को खतरा महसूस कर एक मार्जिनल बांध व नदी के भीतरी हिस्से में बड़ी ठोकरें बनाई गईं थीं। अधिकांश ठोकरें मरम्मत के अभाव में नदी की भेंट चढ़ गईं। बाद में पुन: कई स्थानों पर ठोकरें बनाईं गईं, लेकिन 22 किमी लंबे डैम को आज भी नदी से बड़ा खतरा बना हुआ है।
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नेपाल से घुसते ही तबाही मचाती है शारदा
शारदा के पानी की रफ्तार नेपाल से जिले की सीमा में घुसते ही तेज हो जाती है। वहीं नदी के बांये किनारे पर जंगल व दाएं किनारे की ओर आबादी व शारदा डैम है। इसलिए दाएं किनारे पर बाढ़ नियंत्रण कार्यों को लेकर सजगता बरती जा रही है।


बजट अभाव में डेढ़ साल से थमे कार्य
लोकसभा चुनाव से पूर्व केंद्र सरकार से करोड़ों की धनराशि मिलती थी, लेकिन अब मौजूदा सरकार ने सेंट्रल रिजर्व फंड से धनराशि देने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। ऐसे में नदी पर कोई अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं कराए जा सके।


ट्रांस शारदा क्षेत्र में भी कई जरूरी कार्य होंगे
प्रदेश सरकार ने अब बरसात पूर्व बाढ़ नियंत्रण प्रोजेक्टों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नौजल्हा नंबर दो में दो करोड़ रुपये की लागत से ढाई किमी लंबा जियो ट्यूब का बांध बनाने की योजना है। वहीं नगरियाखुर्द में ठोकरें भी बनाई जाएगी, वहीं ट्रांस शारदा क्षेत्र में भी कई जरूरी कार्य होंगे।


बजट के अभाव में बाढ़ नियंत्रण कार्य समय से शुरू नहीं हो सके थे। अब जहां संवेदनशील इलाके हैं, वहां शासन ने बचाव कार्य कराने को हरी झंडी दे दी है, ताकि डैम व आबादी को बचाया जा सके।
- मिन्हाज अहमद, ईई, बाढ़ खंड


लोकसभा चुनाव के बाद से केंद्र सरकार ने बाढ़ कार्यों के लिए कोई धनराशि नहीं दी है। अब प्रदेश सरकार ने जहां कार्य होना जरूरी है, प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है।
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- पीतमराम, विधायक
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