परेवावैश्य/जहानाबाद।
बरेली हरिद्वार नेशनल हाइवे पर जहानाबाद के निकट पड़ने वाला अप्सरा नदी का पुल सोमवार को क्षतिग्रस्त हो गया। बीच पुल की सड़क का हिस्सा ढह जाने से इस पर आवागमन बंद हो गया। सूचना पर पहुंची एनएचएआई की टीम ने फौरी तौर पर मरम्मत कराकर छोटे वाहनों को साइड से गुजारा लेकिन बड़े वाहनों के लिए फिलहाल आवागमन रोक दिया गया है। एनएचएआई की टीम पुल की मरम्मत में जुटी हुई है। टीम ने बड़े वाहनों के आवागमन के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा है।
पीलीभीत से जहानाबाद अमरिया जाने वाला मार्ग शहर से निकलते ही नेशनल हाइवे-74 से जुड़ जाता है। इस मार्ग पर जहानाबाद के निकट अप्सरा नदी पर करीब 50 वर्ष पुराना पुल बना हुआ है। काफी पुराना होने से पुल काफी जर्जर हो चुका है। कई बार मामूली रूप से क्षतिग्रस्त होने पर इसे काम चलाऊ व्यवस्था कर आवागमन शुरू करा दिया जाता रहा है। कुछ वर्ष पहले मार्ग को नेशनल हाइवे घोषित होने के बाद अप्सरा नदी सहित विभिन्न पुलों के बराबर में नए पुलों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। इनमें कुछ पर काम भी शुरू हुआ था लेकिन अब लंबे समय से काम बंद है। इधर पुल की मरम्मत न होने से इसकी स्थिति जर्जर होती चली गई और सोमवार दोपहर बाद करीब चार बजे पुल के बीच सड़क का हिस्सा धंस कर नीचे चला गया। इससे इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया। राहगीरों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इस पर पुलिस, पीडब्ल्यूडी एवं नेशनल हाइवे निर्माण के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुल के दोनाें ओर अवरोध लगाकर इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। आवागमन बंद होने से वाहनों की कतारें लग गई। बाद में अन्य मार्गों से वाहन वहां से जा सके। बता दें कि बरेली- हरिद्वार रूट का नेशनल हाइवे होने की वजह से अप्सरा पुल से रोजाना हजारों की तादाद में बड़े वाहन भी गुजरते हैं।
शाही जहानाबाद मार्ग से निकल रहे वाहन
नेशनल हाइवे का पुल क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों को दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। पीलीभीत से जाने से वाले यात्री बरेली मार्ग से शाही जहानाबाद होते हुए अमरिया की ओर जा रहे हैं। वहीं अमरिया की ओर से आने वाले कुछ वाहन इसी मार्ग से आ रहे हैं जबकि कुछ माधोपुर, भिकारीपुर होते हुए शहर तक पहुंच रहे है।
पुल में गड्ढा हो गया था जिसकी मरम्मत कराकर ठीक कर दिया गया है इसलिए छोटे वाहन निकल रहे हैं। इसकी मरम्मत का कार्य जारी है। मंगलवार सुबह बड़े वाहनों का आवागमन भी शुरू हो सकता है।
-वरुण कुमार, प्रभारी एक्सईएन, एनएचएआई