पीलीभीत। जिला पंचायत के निर्माण कार्यों में अब दूसरे विभागों के ठेकेदारों भी हिस्सा ले सकेंगे। उनके टेंडर डालने की प्रक्रिया को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद खलबली मच गई है। इससे बरसों से जमे कई ठेकेदार निराश हैं, वहीं दूसरे विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों ने जोड़तोड़ शुरू कर दी है।
जिला पंचायत में दूसरे विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों के टेंडर डालने को लेकर तीन बार टेंडर निरस्त हुए थे। इस बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसी अन्य विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों के टेंडर डालने पर ही पूरी प्रक्रिया को निरस्त कराया था। अभी तक जिला पंचायत में पंजीकृत ठेकेदार ही टेंडर डाल सकते थे। दूसरे विभाग जैसे पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण, सिंचाई विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों को दूर रखा गया था। कुछ पुराने ठेकेदार काम पाने के लिए लगे रहते थे और इसमें सफल हो जाते थे। अब जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत निर्माण कार्य नियमावली की धारा-18 में संशोधन के प्रस्ताव का कैबिनेट बाई सर्कुलेशन अनुमोदन किया गया है। इसमें दूसरे विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों के भी टेंडर पड़ सकेंगे। दूसरे विभागों के ठेकेदारों से न्यूनतम निविदा प्राप्त होने पर उसका जिला पंचायत में एक सप्ताह में पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए उसे 10 हजार रुपये शुल्क डिमांड ड्राफ्ट या फिर ई-बैंकिंग के माध्यम से जिला निधि में जमा करना होगा। इसके बाद जमानत राशि जमा करके अनुबंध किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और काम की गुणवत्ता में सुधार की भी गुंजाइश रहेगी। अपर मुख्य अधिकारी जागन सिंह ने बताया कि कैबिनेट के फैसले की जानकारी तो मिली है। मगर अभी लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ।