पीलीभीत। नगरपालिका में बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी, जो हाउस टैक्स बढ़ाने की चर्चा शुरू होते ही सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस कारण कोई प्रस्ताव पास नहीं हो सका। सदस्यों और अधिकारियों में शहर की अन्य समस्याओं को लेकर भी सहमति नही बन सकी।
बृहस्पतिवार को अपराह्न तीन बजे नगरपालिका सभागार में चेयरमैन विमला जायसवाल की अध्यक्षता में राजस्व बढ़ाने के लिए बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। सबसे पहले पिछली कार्रवाई पढ़कर सुनाई गई। इसके बाद हाउस टैक्स बढ़ोतरी पर चर्चा शुरू होते ही सदस्यों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि शहर में 24 मीटर से ऊपर चौड़ी सड़क पर स्थित पक्के मकानों में टैक्स में बढ़ोतरी एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की गई। 12 मीटर चौड़ी सड़क में मकानों पर 90 पैसे प्रति वर्ग मीटर वृद्धि है। मगर, सदस्यों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। सदस्यों और नगरपालिका अफसरों में एक घंटे से अधिक समय तक आरोप- प्रत्यारोप दौर चला। आखिर तक इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
बोर्ड बैठक में वार्ड 25 के सभासद संजू सक्सेना ने अलाव के नाम पर 25 किलो गीली लकड़ी भेजने का आरोप लगाया। सदस्यों ने वार्ड 15 में एक साथ 25 बल्ब देने जबकि अन्य वार्डों में मात्र पांच- पांच बल्ब देने पर नाराजगी जताई। सदस्य प्यारे लाल ने बोर्ड में बताया कि जोशीटोला में ठेकेदार ने एक सड़क को अधूरा छोड़ दिया है। देशनगर में प्राथमिक विद्यालय के पास एक नल को ठीक करने के लिए बजट नहीं है। अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई, लेकिन हंगामे और शोरशराबे के चलते इन पर निर्णय नहीं लिया जा सका। बोर्ड में कोई भी प्रस्ताव पास नही हो सका। ईओ निशा मिश्रा, पुष्पा उपाध्याय, आलोक कुमार, अवातर सिंह, आसिफ, लियाकत, महेंद्र सहित आदि मौजूद रहे।