बरेली। शहर में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटा चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम की टीम ने इसमें बाधक बने सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण की पहचान कर लाल निशान लगा दिए हैं। करीब एक किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 50 से अधिक दुकानों में 12 दुकानें इस कार्रवाई की जद में आई हैं, इससे दुकानदारों में हलचल मची हुई है।
अतिक्रमण की जद में मुख्य रूप से टायर और हार्डवेयर की दुकानें, सैनिटरी स्टोर और कुछ अन्य छोटी दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा, पेट्रोल पंप के पास एक धर्मस्थल पर भी लाल निशान लगाया गया है। निशान लगाने के दौरान यह देखा गया कि कहीं पर डेढ़ मीटर तो कहीं ढाई मीटर तक का हिस्सा सड़क तक अतिक्रमण किया था। अब व्यापारी नगर निगम के लाल निशान लगाए जाने के बाद चिंतित हैं और प्रतिष्ठानों और रोजमर्रा की कमाई को लेकर असमंजस में हैं।
वहीं मामले की सूचना पर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल व महानगर महामंत्री अनुज गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उनका कहना था कि सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में उनके व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ेगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मानक के अनुसार दुकानों पर लाल निशान लगाए गए हैं। शीघ्र ही नोटिस चस्पा करने के बाद व्यापारियों को एक निर्धारित समय दिया जाएगा। इसके बाद अतिक्रमण हटाते हुए सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाएगा। कहा कि किसी भी व्यापारी को परेशान नहीं किया जाए इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से ट्रैफिक की समस्या कम होगी, लेकिन निगम को व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा। संवाद