मनरेगा में धांधली रोकने और बिना काम किए दूसरों का हक मारने वालों पर शिकंजा कसने के लिए नया कदम उठाया गया है। अब जॉबकार्ड के साथ मजदूरों का फोटो मस्टरोल पर भी लगेगा। इसे देखकर मजदूरी की गई या नहीं यह तसदीक किया जाएगा। मनरेगा मजदूरों का सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है। ब्लाक क्षेत्र में करीब सवा लाख जॉबकार्ड धारक मजदूर है। इसमें 36 हजार मजदूर सक्रिय है। पूरनपुर देहात में सत्रह सौ पंजीकृत मजदूरों में 62 मजदूर ही सक्रिय है। एपीओ अजय कुमार गंगवार ने बताया कि मजदूरों का सत्यापन शुरू कराया गया है। मर चुके और गांव से बाहर रहने वाले मजदूरों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। सत्यापन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान और रोजगार सेवक को दी गई है। अभी तक सिर्फ जॉबकार्ड पर मजदूरों के फोटो लगते थे, लेकिन अब मस्टरोल पर भी मजदूर का फोटो रहेगा। उपस्थिति भरते समय इससे लाभ मिलेगा।