पीलीभीत/बीसलपुर। नगरपालिका बीसलपुर में दो सफाई कर्मचारियों के नियम विरुद्ध तरीके से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने का मामला एक बार गरमा गया। दोनों पर कोई कार्रवाई न किए जाने से खफा नगरपालिका चेयरमैन नूर अहमद ने डीएम से मुलाकात कर मामले की शिकायत की। डीएम ने पूरे प्रकरण से जुड़ी पत्रावली तलब की है।
नगरपालिका बीसलुपर में वर्ष 2016 में दो सफाई कर्मचारियों की मृतक आश्रित कोटे में नौकरी लगी थी। दोनों के माता-पिता भी नगरपालिका में सफाई कर्मचारी थे। एक सफाई कर्मी को मां की मौत के बाद तो दूसरे को पिता की मौत के बाद नौकरी मिली थी। इन दोनों की नियुक्ति को ही नियम विरुद्ध बताया गया था। नगरपालिका चेयरमैन का कहना था कि नियमानुसार माता-पिता दोनों एक ही संस्थान में नौकरी करते हैं तो उनमें से किसी एक के निधन पर उसके परिवार के सदस्य को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी नहीं दी जा सकती। नौ जून को नगरपालिका बोर्ड की बैठक में मामले को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। उसी वक्त दोनों की नियुक्ति रद्द करने का प्रस्ताव भी बोर्ड की बैठक में पास हो गया था। उनसे वेतन की रिकवरी किए जाने को लेकर भी उच्चाधिकारियों से राय मांगी गई थी। मगर, इसमें कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। दो माह बाद एक बार फिर दोनों सफाई कर्मियों की नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए नगरपालिका चेयरमैन नूर अहमद की ओर से कार्रवाई की मांग की गई। चेयरमैन ने बृहस्पतिवार को मामले में डीएम से मुलाकात करके जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद डीएम ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मामले से जुड़ी पत्रावली तलब की है। डीएम पुलकित खरे का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी कराकर नियमानुसार कदम उठाया जाएगा।
ईओ बोलीं- उपनिदेशक और निदेशक को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट
बीसलपुर नगरपालिका की ईओ वंदना शर्मा का कहना है कि नौ जून को बोर्ड की बैठक में दोनों की नियुक्ति रद्द करने और रिकवरी से जुड़ा प्रस्ताव पास हुआ था। स्थानीय निजी लेखा परीक्षा विभाग बरेली के उप निदेशक और स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक को सफाई कर्मियों की पत्रावली भेजी जा चुकी है। उनसे आगे की कार्रवाई के लिए विधिक राय मांगी गई है।