पीलीभीत की निरजंन कुंज कॉलोनी स्थित महामातेश्वरी मंदिर में आरती में मौजूद श्रद्धालु।संवाद
पीलीभीत। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। घर पर पूजा के बाद भक्तों ने मुख्य मंदिरों पर जाकर माता की आरती की।
मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली। कठोर तपस्या और ब्रह्मचर्य का पालन करने वाली मां ब्रह्मचारिणी हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में अच्छे गुण आते हैं। उनके पूजन से सभी बाधाओं और कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है। शहर के मुख्य मंदिर यशवंतरी देवी मंदिर पर पूजन के लिए भक्तों को लाइन लगानी पड़ी। मंदिर परिसर में भजन कीर्तन भी हुए। घरों में भी देवी छंद गाए गए।
श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, मानी मनौतियां
बीसलपुर। श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को दूसरे दिन घरों और मंदिरों में ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया और विभिन्न प्रकार की मनौतियां मानी। दोपहर बाद श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में भजन कीर्तन किए। संवाद