फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अति पिछड़े इलाके में लगे स्वास्थ्य शिविर में उमड़े लोग

Sun, 06 Sep 2015 11:57 PM IST
Pilibhit
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को पूरनपुर तहसील के नेहरू नगर गांव के लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्वास्थअय परीक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 992 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने परीक्षण करवाया।  
विज्ञापन

विकास के दृष्टिकोण से जिले के सबसे पिछड़े इलाके में रविवार को जब चिकित्सा संबंधी मोबाइल वैन पहुंची तो लोगों में एक उम्मीद दौड़ पड़ी। वैसे तो कैंप में सुबह 7 बजे से ही मरीजों का जमावड़ा होना शुरू हो चुका था। लेकिन 9 बजे जब वैन पहुंची एकबारगी करीब 100 लोगों की भीड़ जमा हो गई। 11 बजे तक पंजीकरण कराने वालों की संख्या इतनी अधिक हो गयी कि उनके पंजीकरण के लिए चार काउंटर बनाने पड़ गए। दोपहर तक डॉक्टर से लेकर दवा वितरण तक के काउंटर पर काफी लंबी लाइनें लग चुकी थीं। पुरुषों और बच्चों के अलावा शिविर में करीब 400 महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। जिले की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि प्रकाश ने सभी महिलाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया व उन्हें उचित सलाह व दवाएं दीं।
पाइरिया, मोतिया बिन्द के भी मिले मरीज
कैंप में महिला रोग विशेषज्ञ के अलावा दंत, नेत्र के भी विशेषज्ञ थे। पूरनपुर सीएचसी के एमओआईसी मो. जावेद ने बताया कि कैंप में आए मरीजों में से करीब 100 लोग पाइरिया से पीड़ित पाए गए, 12 लोगों को मोतिया बिन्द की भी शिकायत पायी गई। आंख की जांच कराने वालों में से करीब 50 फीसदी मरीजों की नजर कमजोर मिली जिन्हें चश्में आदि की सलाह दी गई।  
विज्ञापन

108 मरीजों की रक्त जांच भी की गयी
 कैंप में आए मरीजों में से चिकित्सकों ने 49 मरीजों के हिमोग्लोबिन, 20  के मलेरिया, 16 के टायफॉयड, 12 के शुगर, 6 यूरिक एसिड की भी जाँच कराई। 3  रोगियों में रक्त की कमी भी पायी गई।

इनका रहा विशेष सहयोग
 कैंप में, फाउंडेशन के अनुरोध पर निजी चिकित्सा के क्षेत्र में अलग पहचान रखने वाले पीलीभीत के वरिष्ठ सर्जन डॉ. ज्ञान प्रकाश व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि प्रकाश के अलावा जिला अधिकारी मासूम अली सरवर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओम चौहान के निर्देशन में सेहत महकमे की भारी भरकम टीम भी पहुंची थी। इस टीम में एमओआईसी पूरनपुर, मो. असलम, डॉ.मनोज कुमार, डॉ. अरविन्द प्रताप सिंह, डॉ. देवेश गिरि, फार्मासिस्ट जीतेन्द्र कुमार, लैब टेक्नीशियन राकेश कुमार, नेत्र सहायक अजय कुमार, परमजीत कौर, गीन मनरो,  जय देवी शुक्ला, सरिता देवी भी मौजूद रहीं।

स्थानीय लोगों का भी बढ़चढ़ कर रहा सहयोग
कॉलेज प्रबंधक परमेन्द्र सिंह, अध्यापक डॉ. रमेश लाल, जसबीर सिंह, श्रीनगर के पूर्व प्रधान नगीना राम, करनजीत सिंह, फहीम, नुसरत जहाँ, रूबी मौर्य,  लक्ष्मी मौर्य, मो. जाहिद, प्रो. सरफराज अहमद, प्रभा सिंह, मो. शाहिद,  मुकेश कुमार, भगवान सिंह, जीतेन्द्र यादव, रोमी श्रीवास्तव, नितिन यादव व  नितिन ने कैम्प में बढ़चढ़ कर सहयोग किया।

फाउंडेशन का तीसरा कैंप आज भगवन्तापुर में
लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अमर उजाला फाउंडेशन द्वार लगाए जा रहे शिविर की इस श्रंखला में तीसरा कैंप ग्राम भगवन्तापुर में सोमवार को प्रात: 9 बजे लगेगा। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरनपुर के एम.ओ.आई.सी. मो. असलम ने बताया कि इस कैंप में भी विभिन्न चिकित्सकों की तैनाती की गयी है।  

सामाजिक सरोकार की भूमिका निभा रहा अमर उजाला  
 जिला अधिकारी मासूम अली सरवर ने ट्रांस शारदा क्षेत्र के नेहरू नगर में  अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर की सफलता पर  अमर उजाला परिवार को मुबारकबाद दी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि फाउंडेशन  द्वारा लोगों को सेहत के प्रति जागरूक किये जाने का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा। डी.एम. ने कहा कि इस दौरान स्वास्थ्य से लेकर अन्य समस्याओं  से प्रशासन को रूबरू कराकर अमर उजाला एक सामाजिक सरोकार की भूमिका अदा कर  रहा है। उन्होंने आगे भी अमर उजाला से ऐसी ही भूमिका अदा करने की उम्मीद जतायी है।

 सबने की स्वास्थ्य शिविर की सराहना
 यहाँ पर स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाओं की नितांत कमी है। कभी इस क्षेत्र  में 52 बेड का एक सरकारी अस्पताल हुआ करता था जो शारदा कटान के चलते डेढ़  दशक पहले नदी में समा गया। स्वास्थ्य सेवाओं का यहाँ पर काफी अभाव रहता है  जिस कारण से लोगों को इलाज के लिए पीलीभीत या बरेली जाना पड़ता है। विभिन्न  विशेषज्ञों ने एक ही छत के नीचे यहां लोगों का जो उपचार किया है वह यहाँ  के लोगों के लिए वरदान साबित होगा।
 -भुवनेश कुमार गौतम, थानाध्यक्ष, हजारा
 
जिले के अति पिछड़े इस क्षेत्र में शायद ही ऐसे कैंप आयोजित किए गए होंगे। भौगोलिक स्थिति भी इस क्षेत्र की कुछ ऐसी है जिसके चलते विकास की  किरण ठीक से यहाँ नहीं पहुंच पाती है। कैंप में विभिन्न विशेषज्ञों ने जांच कर लोगों को जो स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं उसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन परिवार बधाई का पात्र है।  
 -डॉ. रमेश लाल, अध्यापक, एल.बी.एस. इंटर कॉलेज

 चौबीस गाँव व चालीस किलोमीटर के दूरी वाले नेपाल सीमा पर बसे इस क्षेत्र में मात्र एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है, वहाँ भी चिकित्सक अक्सर नदारद  रहते हैं। इसके चलते क्षेत्र के तमाम बीमार लोग झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर रहते हैं। फाउंडेशन ने यह कैंप आयोजित कर, व आगे भी इस तरह के कैंप आयोजित किये जाते रहने का जो भरोसा दिलाया है उससे क्षेत्र की  जनता को काफी उम्मीद जगी है। इस प्रयास के लिए अमर उजाला साधुवाद का पात्र है।  
 -परमेंदर सिंह, प्रबंधक, एल.बी.एस. इंटर कॉलेज

 सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अमर उजाला हमेशा बढ़चढ़ कर कार्य करता रहा है। कॉलेज की भूमि पर अवैध कब्जे व विकलांग शांति देवी व राम बेटी के परिवार की स्थिति को डीएम के संज्ञान में लाकर अमर उजाला ने इसे सही साबित कर दिखाया है। मुझे उम्मीद है कि क्षेत्र की जनता की उम्मीद पूरी होने के साथ-साथ इस विकलांग परिवार के भी दिन कुछ सुधरेंगे।
 - नगीना राम, पूर्व प्रधान, श्रीनगर

शिविर से विकलांग खानदान को जगी आस
कैंप में घिसटते हुई पहुंची मैकू लाल की पत्नी शांति देवी (50) ने बताया कि उसके परिवार में न सिर्फ उसकी दशा ऐसी है, बल्कि उसकी जिठानी राम बेटी के 5 बच्चों में से 3 लड़की व एक लड़के की दशा भी ऐसी ही है। यही नहीं, राम बेटी की पुत्री कलावती के 4 बच्चों में से एक बड़ी लड़की को छोड़ शेष 3 अन्य बच्चे भी विकलांग हैं। कैंप के बाद डी.एम. मासूम अली सरवर वायदा किया कि विकलांग शांति देवी के परिवार में ऐसी विकलांगता क्यों आ रही है, इसकी भी जिले के चिकित्सकों से राय मशवरा कर हर संभव उपचार व पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश करेंगे।
 
कब्जे से मुक्त होगी जमीन
शिविर के बहाने एक और बड़ा काम हुआ। लोगों ने कॉलेज की जमीन पर वन विभाग की शह से भूमाफिया के कब्जे का दुखड़ा रोया। उम्मीद भरे लहजों में क्षेत्र के इकलौते इंटर कॉलेज की तरक्की के लिए प्रशासन तक बात पहुंचाते हुए उसे मुक्त कराने की गुजारिश भी की। डीएम ने वायदा किया कि वह कॉलेज की भूमि को मुक्त कराकर कॉलेज प्रबंधन को उपलब्ध कराएंगे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें