पीलीभीत। कोहरा पड़ने से पहले रोडवेज बसों में ऑलवेदर बल्व, फॉग लाइट, खिड़कियों के शीशों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था। करीब 20 दिन बीतने के बाद भी पीलीभीत डिपो की अधिकतर बसें बिना फॉग लाइट के ही दौड़ रही हैं। खिड़कियों के लॉक भी सही नहीं कराए गए हैं। यात्री सर्द हवा के बीच बैठकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय डिपो से 104 बसों का संचालन दिल्ली, आगरा, लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार आदि लंबे मार्गों के अलावा स्थानीय मार्गों पर किया जाता है। कोहरे के मद्देनजर शासन ने सभी बसों में ऑलवेदर बल्व व फॉग लाइट लगवाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अधिकारियों के निर्देश के बाद भी बसों में यह काम अब-तक पूरा नहीं कराया जा सका है।
इससे रात के समय बस संचालन करने में चालकों को परेशानी होती है। साथ ही हादसे का खतरा बना रहता है। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12:30 बजे नौगवां चौराहा पर खड़ी एक बस में न तो ऑलवेदर बल्व लगे थे और न ही फॉग लाइटें। नाम न छापने की शर्त पर चालक ने बताया कि नई बसों में तो विभाग कार्य करा रहा है, लेकिन पुरानी बसों की अनदेखी की जा रही है।
बस के अंदर जाकर देखा तो अधिकतर खिड़कियों से लॉक नदारद थे। जिस कारण खिड़कियां पूरी तरह बंद नहीं हो रहीं थीं। बस चलने पर इन खिड़कियों से आने वाली सर्द हवा के बीच यात्रियों को बैठ पाना मुश्किल हो रहा था। इसी प्रकार रोडवेज बस अड्डे पर आगरा जाने के लिए बस खड़ी थी। इसमें भी फाॅग लाइट नहीं थी।
15 बसों की हालत अधिक खराब
विभागीय सूत्रों कहना है कि 15 बसों की स्थिति ज्यादा खराब है। इनमें अन्य समस्याओं के अलावा सीटें भी जर्जर हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब सार्दियों में समस्या और बढ़ गई है। इसके विपरीत विभागीय अफसर बसों में कमियां दूर होने का दावा कर रहे हैं।
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अधिकारियों के निर्देश के बाद बसों में फॉग लाइट लगवाने के साथ अन्य दिक्कतों को दूर किया जा रहा है। लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ बसों में कार्य शेष है। इसे भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
रोडवेज बस की खिड़की के टूटे लॉक।संवाद