गजरौला। कस्बे में खूंखार हो चुके बंदरों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मंगलवार को एक 11 वर्षीय बालिका और व्यापारी को बंदरों ने हमला कर जख्मी कर दिया। बालिका को जिला अस्पताल लाकर टीका लगवाया गया। लोग बंदरों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
गजरौला निवासी उमेश चंद्र की 11 वर्षीय पुत्री सृष्टि मंगलवार को घर के आंगन में बैठी थी। अचानक छत की ओर से आए बंदरों के झुंड ने बालिका पर हमला कर दिया। परिजनों के शोर शराबा करने पर बंदर वहां से भाग गए। हमले में बालिका के पैर में जख्म हो गया। उपचार के लिए परिजन गजरौला सीएचसी लेकर पहुंचे। मगर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल भेज दिया। टीका लगवाने के साथ डॉक्टरों के परामर्श के बाद बालिका को घर लाया गया।
इसी क्रम में परचून व्यापारी शकील बक्श दुकान पर बैठे थे। अचानक बंदरों का झुंड काउंटर पर रखा टॉफी का डिब्बा उठाकर ले जाने लगे। व्यापारी डिब्बा छुड़ाने के लिए पीछे गए, इसपर बंदरों ने हमला कर दिया। व्यापारी जमीन पर गिरकर घायल हो गए।